कोझिकोड में शुक्रवार की रात दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया एक्सप्रेस बोइंग 737 विमान का बीमा 5 करोड़ डॉलर का था। वैश्विक स्तर पर, विमानन कंपनियां संपत्ति की क्षति, ग्राहक की देनदारी और तीसरे पक्ष के दावों को कवर करने के लिए बीमा पॉलिसी खरीदती हैं। एयर इंडिया के बेड़े का बीमा करीब 10 अरब डॉलर का है और उसकी देनदारी कवर 75 करोड़ डॉलर की है।
बीमा सार्वजनिक क्षेत्र की चार बीमा कंपनियों ने किया है। इसके तहत एयर इंडिया के सभी 170 विमान, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अलाएंस एयर का कवर है। सूत्रों ने बताया कि करीब 3 करोड़ डॉलर की वार्षिक प्रीमियम से अप्रैल में पॉलिसी का नवीनीकरण किया गया था।
एक ओर जहां संपत्ति बीमा पॉलिसी विमानन कंपनी को अपने विमान, इंजन या पुर्जों के नुकसान से सुरक्षित करती है वहीं देनदारी कवर से उसे तीसरे पक्ष के दावों से सुरक्षा मिलती है।
विमानन उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने इस तेरह वर्ष पुराने विमान का हवाला देते हुए कहा, ‘यह पूरी तरह से विमान ढांचे का नुकसान है।’ यह विमान भारी बारिश के बीच कोझिकोड में उतरने के बाद दो हिस्सों में बंट गया था। एक ओर जहां ढांचे के नुकसान के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस को पूरी बीमित राशि मिलने की उम्मीद है, वहीं उसे मान्य नियमों के तहत मृतक और घायल यात्रियों के परिजनों को मुआवजा देना होगा। मुआवजे का भुगतान उसकी देनदारी कवर से किया जाएगा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक वक्तव्य में कहा कि उसने उचित बीमा कराया हुआ है और लागू नियमों के अनुसार ठीक समय पर मुआवजे का भुगतान करेगी।
अंतरिम मुआवजे के तौर पर तुरंत लाभ मुहैया कराने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस मृतक और घायलों के परिजनों को 50,000 रुपये से लेकर 10,00,000 रुपये तक दे रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यात्री सूचना केंद्र और एक टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की है, जिसे यात्रियों के परिवार या दोस्तों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
आपात प्रतिक्रिया दल के सदस्यों और एयर इंडिया एक्सप्रेस दल के साथ एयर इंडिया की दो टीमों को पहले ही दुर्घटना स्थल पर भेजा जा चुका है।