जेपी की सीमेंट इकाइयां खरीदेगी अदाणी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:55 PM IST

अदाणी समूह ने सीमेंट क्षेत्र में अपने दूसरे अधिग्रहण के तौर पर जेपी समूह की सीमेंट परिसंपत्तियों को 5,000 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य पर खरीदने की आज घोषणा की। सीमेंट क्षेत्र में एकीकरण जोर पकड़ रहा है।  उधर, इंडिया सीमेंट्स ने कहा कि उसने मध्य प्रदेश में चूना पत्थर खदान और जमीन 477 करोड़ रुपये में सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्ल्यू सीमेंट को बेच दिया है।
जेपी के सीमेंट कारोबार का बड़ा हिस्सा पहले अल्ट्राटेक द्वारा करीब 16,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहीत किया जा चुका है और कुछ इकाइयां जेपी के पास बची थीं जिसे अब अदाणी समूह को बेचा जा रहा है। जेपी समूह की प्रमुख कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स के बोर्ड ने आज सीमेंट इकाइयों को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जेपी एसोसिएट्स का शेयर आज 10 फीसदी बढ़कर 11.74 रुपये पर बंद हुआ। जयप्रकाश पावर वेंचर्स भी 4 फीसदी उछलकर 8.49 रुपये पर बंद हुआ।
जेपी समूह और उसकी सहायक इकाई जयप्रकाश पावर वेंचर्स के पास कुल 1.05 करोड़ टन सालाना सीमेंट उत्पादन की स्थापित क्षमता थी। इसके साथ ही 339 मेगावॉट क्षमता का कैप्टिव बिजली संयंत्र था। हालांकि समूह ने नकदी संकट के कारण शहबाद सीमेंट संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 12 लाख टन करने की योजना टाल दी थी।
विश्लेषकों का कहना है कि जेपी की सीमेंट संपत्तियों को खरीदने से 2030 तक भारत की अग्रणी सीमेंट कंपनी बनने की अदाणी की योजना को बल मिलेगा। कंपनी 2030 तक अपनी मौजूदा क्षमता 7 करोड़ टन सालाना से बढ़ाकर 14 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है।
अल्ट्राटेक ने भी 2030 तक अपनी उत्पादन क्षमता 12 करोड़ टन से बढ़ाकर 16 करोड़ टन करने की घोषणा की है। जेएसडब्ल्यू की योजना वित्त वर्ष 2025 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता को 1.7 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.5 करोड़ टन करने की है।
जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने अंबुजा सीमेंट के लिए 7 अबर डॉलर की बोली लगाई थी। लेकिन भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की आपत्तियों के डर से होल्सिम (अंबुजा की उस समय की प्रवर्तक कंपनी) ने उसकी बोली को स्वीकार नहीं किया था।
बैंकरों ने कहा कि मध्य प्रदेश की इकाइयों को खरीदने के साथ ही जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने इंडिया सीमेंट्स की राजस्थान इकाई के लिए भी आकर्षक पेशकश की है।
इंडिया सीमेंट्स ने पिछले साल मध्य प्रदेश में 30 लाख टन क्षमता का संयंत्र लगाने का काम शुरू किया था। परियोजना के साथ चूना पत्थर का खदान भी जुड़ा हुआ था। ऐसे में इस अधिग्रहण से जेएसडब्ल्यू सीमेंट को मध्य भारत के बाजार में प्रवेश करने में मदद मिलेगी। जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने पिछले 15 महीने में अपनी क्षमता के विस्तार के लिए 2,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है।
इस साल मई में इंडिया सीमेंट्स ने अपना कर्ज घटाने के लिए कुछ जमीन बेचने के संकेत दिए थे। 31 मार्च, 2022 तक कंपनी पर 3,039 करोड़ रुपये का कर्ज था।
क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 में सीमेंट की बिक्री में 8 से 10 फीसदी की वृद्धि हो सकती है जो वित्त वर्ष 2019 के बाद सबसे अधिक है। बुनियादी ढांचा और निर्माण क्षेत्र से मांग बढ़ने की वजह से कई प्रमुख कंपनियां अधिग्रहण के अवसर तलाश रही हैं।

First Published : October 10, 2022 | 2:35 PM IST