अदाणी एयरपोर्ट हवाई अड्डों के निजीकरण के अगले चरण में अधिग्रहण के लिए मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) को प्रमुख इकाई बना सकती है। मामले के जानकार लोगों ने इसकी जानकारी दी।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण हवाई अड्डों के निजीकरण के अगले चरण में वित्त वर्ष 2022 की शुरुआत में 6 से 12 हवाई अड्डों के लिए निजी क्षेत्र से बोलियां आमंत्रित कर सकता है। समूह ने अपने हवाई अड्डा कारोबार के मुख्यालय को अहमदाबाद से मुंबई ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही हवाई अड्डा के शीर्ष प्रबंधन में फेरबदल किया जा रहा है।
मामले के जानकार सूत्रों ने बताया कि अदाणी समूह ने अलकार्गो लॉजिस्टिक्स के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी प्रकाश तुलस्यानी को मायल का नया मुख्य कार्याधिकारी नियुक्त किया है। तुलस्यानी राजीव जैन की जगह लेंगे, जो कई वर्षों से मायल के मुख्य कार्याधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अदाणी समूह ने साल की शुरुआत में जीवीके समूह और दक्षिण अफ्रीका की दो कंपनियों के साथ मायल में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का करार किया था। सूत्र ने बताया, ‘जैन को कंपनी के बोर्ड में शामिल किया जाएगा। मायल के अधिकारियों को समूह स्तर पर अहम पद दिए जा सकते हैं, जो पूरे हवाई अड्डा कारोबार को देखेंगे।’
मामले के जानकार अधिकारियों ने कहा कि अदाणी समूह मायल के जरिये बोली प्रक्रिया में हिस्सा इसलिए लेना चाहता है क्योंकि बीते समय में बिना अनुभव वाली कंपनियों को हवाई अड्डा परियोजनाएं देने के कारण सरकार की काफी आलोचना हुई है। एक शख्स ने कहा, ‘सरकार हवाई अड्डा के लिए बोली लगाने में पूर्व अनुभव की शर्तें लगा सकती है। यही वजह है कि अदाणी समूह मायल को बोली प्रक्रिया के लिए प्रमुख इकाई बनाना चाह रही है।’ अदाणी समूह ने अपने नए कारोबार के विस्तार के लिए अगले पांच साल में 50,000 करोड़ रुपये की पूंजी निवेश करने की योजना बनाई है, जिनमें से 35,780 करोड़ रुपये हवाई अड्डा कारोबार में लगाया जाएगा।