वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण मांग में आई भारी गिरावट की वजह से देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी एसीसी ने हिमाचल प्रदेश में अपने एक संयंत्र को मंगलवार से 15 दिन के लिए बंद कर दिया है।
यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एसीसी कंक्रीट ने हाल ही में अपने 25 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। गागल-2 में मौजूद इस संयंत्र की क्षमता 48,000 टन प्रति दिन और 24 लाख टन सालाना है।
गागल-1 में भी कंपनी का एक संयंत्र है जिसकी क्षमता 20 लाख टन सालाना है। एसीसी के सीओओ जे दत्ता गुप्ता ने कहा, ‘आर्थिक मंदी की वजह से हिमाचल प्रदेश और पंजाब दोनों राज्यों में सीमेंट की मांग में गिरावट आई है जिससे गागल में क्लिंकर का भंडार काफी बढ़ गया है।
क्लिंकर के भंडार को संतुलित करने के लिए हम नर्माण कार्य को अस्थायी तौर पर बंद रखे जाने की जरूरत महसूस कर रहे हैं।’
सीमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन (सीएमए) से प्राप्त ताजा जानकारी के मुताबिक पंजाब और हिमाचल प्रदेश में अप्रैल और अक्टूबर के बीच सीमेंट की खपत में क्रमश: 14 और 10 फीसदी की कमी आई है।
कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इसके अलावा पाकिस्तान से शुल्क-मुक्त और काउंटर-वैलिंग डयूटी (सीवीडी) मुक्त आयात की वजह से भी कंपनी के गागल संयंत्र में क्लिंकर का अंबार बढ़ गया है।
एक पखवाड़े पहले बिजनेस स्टैंडर्ड ने सीमेंट निर्माताओं की ओर से उत्पादन में स्वैच्छिक कटौती की खबर प्रकाशित की थी। सीएमए के अध्यक्ष एच. एम. बांगुर ने बताया कि जो कंपनियां बिक्री नहीं कर पा रही हैं वे उत्पादन में स्वैच्छिक कटौती कर सकती हैं।