facebookmetapixel
Stock Picks: ₹7,267 वाला Apollo या ₹163 वाला Groww? निवेश से पहले जानिए एनालिस्ट की रायAmagi Media Labs का ₹1,788 करोड़ का IPO खुला, सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं? जानें ब्रोकरेज का नजरियाStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत, एशियाई बाजारों में तेजी; आज कैसा रहेगा बाजार का मिजाज ?₹4,500 करोड़ की फंडरेजिंग! Biocon ने शुरू किया QIP, फ्लोर प्राइस जानिएTrump Tariffs: ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर ट्रंप की कड़ी चेतावनी, 25% टैरिफ लगाने का ऐलानStocks To Watch Today: Biocon, Paytm, NLC India समेत कई स्टॉक्स पर रहेगी नजरफिनटेक के BC नेटवर्क पर RBI की बढ़ सकती है निगरानी, लाइसेंस व्यवस्था पर चल रही चर्चाRBI ने बैंकों को साल भर मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा गवर्नेंस बनाए रखने की सलाह दीवोडाफोन आइडिया को AGR बकाया पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमानWindsor बनी 2025 की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार, बिक्री 46,735 वाहन तक पहुंची

कमोडिटी एक्सचेंजों के टर्नओवर में जबरदस्त उछाल

Last Updated- December 07, 2022 | 8:05 PM IST

जिंस कारोबार की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ने से पिछले साल की तुलना में इस साल अगस्त में राष्ट्रीय स्तर के तीनों कमोडिटी एक्सचेंज (कॉमैक्स) के कुल टर्नओवर में 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।


हालांकि जुलाई के मुकाबले अगस्त महीने में इन एक्सचेंजों के टर्नओवर में 20 फीसदी की कमी देखी गई है। मालूम हो कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स), नैशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) और नैशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) देश के तीन राष्ट्रीय एक्सचेंज हैं।

टर्नओवर के लिहाज से केवल इन तीन एक्सचेंज में ही देश का 95 फीसदी कमोडिटी कारोबार होता है। अगस्त महीने के अंत में इन तीनों एक्सचेंज का कुल टर्नओवर 4,28,671 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जुलाई में इन तीनों एक्सचेंज में महज 2,95,472.70 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।

हालांकि इस साल जुलाई में इनका कारोबार 5,36,850.50 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया था। इस तरह, महज एक महीने में ही राष्ट्रीय एक्सचेंजों के कुल कारोबार में तकरीबन 20 फीसदी यानी 8,000 करोड़ रुपये की कमी आई है।

कारोबारियों ने बताया कि अगस्त महीने में कई वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर के जिंसों में गिरावट आई और ये अपने रेकॉर्ड न्यून स्तर तक पहुंच गए। इससे पिछले महीने जिंसों की कीमत में काफी कमी हुई है। इसके अलावा, महंगाई रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिंस कारोबार पर नकारात्मक असर दिखा है।

वैश्विक बाजारों में चल रहे मंदी का ही असर है कि अगस्त महीने में सीसा, जस्ता, निकल और एल्युमिनियम की कीमतें काफी नीचे चली गई। रेलीगेयर कमोडिटीज के जयंत मांगलिक के मुताबिक अगस्त में भले ही छोटे फर्मों को नुकसान पहुंचा है लेकिन बड़े फर्मों के कारोबार में काफी बढ़ोतरी हुई है।

First Published - September 7, 2008 | 11:45 PM IST

संबंधित पोस्ट