पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालातों में सुधार होने से शेयर बाजार के निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर देश के प्राइमरी मार्केट पर देखने को मिल रहा है। बाजार में छाई सुस्ती के बाद अब IPO मार्केट रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले हफ्ते बाजार में एक-दो नहीं बल्कि तीन बड़े मेनबोर्ड IPO दस्तक देने जा रहे हैं। इसके साथ ही कई अन्य बड़ी कंपनियों के पब्लिक इश्यू भी कतार में हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में भारी हलचल देखने को मिल सकती है।
अगले कुछ दिनों में जो तीन कंपनियां अपने IPO लॉन्च करने जा रही हैं, उनमें कॉर्डेलिया क्रूज (Cordelia Cruises) चलाने वाली कंपनी वाटरवेज लीजर टूरिज्म, जयपुर की ज्वेलरी मैन्युफैक्चरर कंपनी अद्वित ज्वेल्स और IT सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी CSM टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। इसके अलावा पैकेजिंग क्षेत्र की कंपनी नैक पैकेजिंग भी जल्द ही अपने IPO के प्राइस बैंड का ऐलान कर सकती है।
बड़े इश्यू की बात करें तो क्विक कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी जेप्टो (Zepto) 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में है। वहीं देश का सबसे बड़ा फंड हाउस, SBI म्यूचुअल फंड अगले महीने 13,000 करोड़ रुपये का मेगा पब्लिक इश्यू लाने का प्लान बना रहा है।
जून के महीने में ही CMR ग्रीन टेक्नोलॉजीज और हेक्सागन न्यूट्रिशन पहले ही अपना IPO ला चुकी हैं, जबकि टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस का IPO फिलहाल खुला हुआ है। बाजार में इस तेजी को और बढ़ाने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल व टेलीकॉम यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स ने पिछले हफ्ते SEBI के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा कराए हैं, जिससे दो बेहद बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है।
अगले हफ्ते खुलने वाले तीनों IPO में निवेश करने से पहले उनकी तारीखों, प्राइस बैंड और पैसों के इस्तेमाल के बारे में जानना जरूरी है:
इन तीनों के अलावा नैक पैकेजिंग भी पूंजी बाजार में उतरने की तैयारी में है और अगले हफ्ते अपने प्राइस बैंड की घोषणा कर सकती है। ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित IPO में 475 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 70 लाख इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) लाया जाएगा। कंपनी इस फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 435 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गुजरात के मेहसाणा जिले के बोरिसना में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए करेगी।
एक्विरेस कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026 में अब तक 23 कंपनियां IPO के रास्ते 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी हैं। इससे पहले साल 2025 में रिकॉर्ड 103 कंपनियों ने IPO लाकर कुल 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। यह आंकड़ा साल 2024 में 90 कंपनियों द्वारा जुटाए गए 1.6 लाख करोड़ रुपये और 2023 में 57 कंपनियों द्वारा जुटाए गए 49,436 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा था।
प्राइमरी मार्केट की यह रफ्तार आगे भी थमने वाली नहीं है, क्योंकि भविष्य के लिए IPO की पाइपलाइन बेहद मजबूत नजर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 तक कुल 236 मेनबोर्ड IPO के ड्राफ्ट पेपर्स पाइपलाइन में हैं। इनमें से 163 कंपनियों के पास SEBI =का वैलिड ऑब्जर्वेशन (मंजूरी) मौजूद है, जबकि 73 कंपनियों को अभी रेगुलेटर की तरफ से ऑब्जर्वेशन मिलने का इंतजार है। इससे साफ है कि आने वाले महीनों में निवेशकों को कमाई के कई बड़े मौके मिलने वाले हैं।