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14 फीसदी बढ़ेगी सोयाबीन की पैदावार

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Last Updated- December 08, 2022 | 2:40 AM IST

अच्छे मौसम के चलते सोयाबीन की पैदावार में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है। बेहतर मौसम के साथ-साथ सोयाबीन के रकबे में हुई बढ़ोतरी से पैदावार में बढ़ोतरी और परवान चढ़ गया है।


रेलिगेयर कमोडिटी द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक, 2008-09 में सोयाबीन की पैदावार 108 लाख टन को छू सकती है जबकि इससे एक साल पहले यह 95 लाख टन के स्तर पर था। सोयाबीन की बुआई जून में शुरू होती है और यह सिलसिला जुलाई तक चलता है। सितंबर से इसकी कटाई शुरू हो जाती है और यह दिसंबर तक चलता है।

इस सीजन में सोयाबीन का रकबा 8.38 फीसदी यानी 7.28 लाख हेक्टेयर बढ़कर 9.4 मिलियन हेक्टेयर पर पहुंच गचा है जो पिछले साल 8.68 मिलियन हेक्टेयर था। सोयाबीन के उत्पादन के मामले में सबसे बड़े राज्य मध्य प्रदेश के किसान इस साल ज्यादा जुझारू हो गए हैं क्योंकि इन किसानों ने जून की शुरुआत में ही सोयाबीन की बुआई शुरू कर दी थी।

मानसून की बारिश ने इस फसल को और भी मजबूत बना दिया। सितंबर के महीने में हुई बारिश ने भी सोयाबीन की फसल को काफी लाभ पहुंचाया और यही वजह है कि इस साल इसके उत्पादन में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस साल पैदावार में 57 लाख टन की बढ़ोतरी की संभावना है जो एक साल पहले 50 लाख टन बढ़ा था।

महाराष्ट्र सोयाबीन उत्पादन के मामले में देश का दूसरा बड़ा राज्य है। सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र कोंकण, सतारा, कोल्हापुर और सोलापुर में सिंचाई की अच्छी सुविधा की बदौलत यहां भी अच्छी पैदावार की उम्मीद है। सिंचाई की अच्छी सुविधा की बदौलत जमीन की नमी बरकरार रही और यही वजह है कि इस राज्य में भी पैदावार की अच्छी संभावना जताई जा रही है।

हालांकि कुछ इलाके अब भी बारिश पर निर्भर हैं, लेकिन मानसून की अच्छी बारिश के चलते उन इलाकों में भी इसकी अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इस साल यहां कुल 36 लाख टन सोयाबीन उत्पादन का अनुमान है जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 32 लाख टन के स्तर पर था।

सोयाबीन उत्पादन के मामले में राजस्थान तीसरा बड़ा राज्य है। 2006-07 के दौरान इस राज्य में 5 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ था, जो 2007-08 में बढ़कर 7.5 लाख टन पर जा पहुंचा। इस साल इसके 10 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

सोयाबीन उत्पादन में आंध्र प्रदेश का योगदान काफी कम है। यहां 2006-07 में एक लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ था, जो अगले साल बढ़कर 1.4 लाख टन पर पहुंचा, लेकिन इस साल इसके 1.7 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है।

सर्वे के मुताबिक, कर्नाटक में सोयाबीन के उत्पादन में 13 फीसदी की गिरावट के संकेत मिले हैं। इस साल यहां 1.5 लाख टन उत्पादन की संभावना है जो इससे पहले 1.7 लाख टन के स्तर पर था। सोयाबीन में सिर्फ 17-18 फीसदी तेल मिल पाता है।

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First Published - November 5, 2008 | 10:10 PM IST

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