facebookmetapixel
Advertisement
अदाणी का नया मास्टरप्लान! 2030 के भारत को ध्यान में रखकर ग्रुप ने किए बड़े बदलावचीन ने अमेरिका को दी पटखनी! ‘लाइनशाइन’ बना दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर₹312 से ₹470 तक के टारगेट, Tata Motors PV को लेकर क्यों बंटे हैं ब्रोकरेज?Hotel Industry: कम निवेश में तेजी से बढ़ रहीं होटल कंपनियां, जानिए क्या है नया बिजनेस मॉडलदशहरी आम पर डबल मार: पहले पैदावार घटी, अब हवाई स्लाॅट न मिलने से निर्यात भी अटकाGold-Silver Price Today: सोना ₹1.45 लाख के नीचे, चांदी के दाम भी लुढ़के; जानें आज कितना सस्ता हुआ गोल्ड-सिल्वरFIFA World Cup 2026: रोनाल्डो का महाधमाका! वर्ल्ड कप में बनाया ऐसा रिकॉर्ड, जिसे छूना भी मुश्किलखरीफ फसलों पर संकट के बादल! कम बारिश से 315 जिले निशाने पर, 111 सबसे ज्यादा प्रभावितघरों की बिक्री बढ़ने के बीच कौन सा Realty Stock खरीदें? नुवामा ने चुना अपना टॉप पिकAkasa Air का बड़ा दावा! अगले 5 साल तक 40% ग्रोथ, IPO को लेकर भी दिया बड़ा संकेत

MF मार्केट में बड़ा बदलाव! Zerodha लाया पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’, सिर्फ ₹100 से निवेश की होगी शुरुआत

Advertisement

जेरोधा फंड हाउस ने देश का पहला ऑटोमैटिक 'लाइफ साइकिल फंड' लॉन्च किया है, जो आपके फाइनेंशियल टारगेट के करीब आते ही निवेश को खुद सुरक्षित कर देगा

Last Updated- June 19, 2026 | 6:12 PM IST
mutual fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय म्युचुअल फंड बाजार में निवेश का एक बिल्कुल नया तरीका शुरू होने जा रहा है। अब तक निवेशकों को खुद तय करना पड़ता था कि उन्हें कब शेयर बाजार (इक्विटी) में पैसा लगाना है और कब सुरक्षित सरकारी योजनाओं (डेट) में। लेकिन अब यह काम आपके लिए पूरी तरह ऑटोमैटिक होने जा रहा है। जेरोधा फंड हाउस ने देश का पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’ लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही भारतीय निवेशकों के लिए ‘टार्गेट-डेट इन्वेस्टिंग’ यानी एक तय तारीख को ध्यान में रखकर निवेश करने की शुरुआत हो गई है।

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपने बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश तो शुरू कर देते हैं, लेकिन समय के साथ अपने पोर्टफोलियो को संभाल नहीं पाते। जब टारगेट करीब होता है, तब भी उनका पैसा जोखिम वाले शेयरों में फंसा रहता है।

जेरोधा की यह नई स्कीम इसी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म करने का दावा करती है। यह फंड निवेशक की उम्र और उसके फाइनेंशियल टारगेट के साल को देखकर खुद-ब-खुद अपने एसेट एलोकेशन (पूंजी के बंटवारे) को बदलता रहेगा। इसका न्यू फंड ऑफर (NFO) 19 जून 2026 को खुल चुका है और निवेशक 7 जुलाई 2026 तक इसमें आवेदन कर सकते हैं।

क्या है लाइफ साइकिल फंड और यह कैसे काम करता है?

इस फंड की बनावट को बहुत ही आसान तरीके से समझा जा सकता है। हर लाइफ साइकिल फंड के साथ एक ‘टार्गेट ईयर’ यानी मैच्योरिटी का साल जुड़ा होता है। यह फंड एक साथ कई जगहों पर पैसा लगाता है, जिसमें इक्विटी (शेयर), डेट (सरकारी सिक्योरिटीज) और गोल्ड-सिल्वर जैसी कमोडिटीज शामिल हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका निवेश का बदलता रास्ता है, जो एक नियम के तहत तय होता है।

जब इस फंड की शुरुआत होती है या मैच्योरिटी में काफी साल बचे होते हैं, तब इसका रुख ‘ग्रोथ-ओरिएंटेड’ होता है। यानी इसका एक बड़ा हिस्सा इक्विटी में जाता है ताकि निवेशकों को तेजी से वेल्थ क्रिएशन का फायदा मिल सके। लेकिन जैसे-जैसे टार्गेट ईयर नजदीक आने लगता है, यह फंड अपने आप सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ने लगता है।

इसका मतलब है कि अगर आपने आज इस फंड में पैसा लगाया है, तो 10 साल बाद आपका पोर्टफोलियो आज जैसा नहीं रहेगा। वह बिना आपकी किसी मेहनत या दखल के खुद-ब-खुद सुरक्षित हो चुका होगा ताकि आपका मुनाफा बाजार के उतार-चढ़ाव से बचा रहे।

अगर ग्लोबल मार्केट की बात करें, तो टार्गेट-डेट फंड्स कोई नई चीज नहीं हैं। दुनिया भर में इस कैटेगरी के तहत 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति मैनेज की जा रही है और करोड़ों लोग अपने रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए इसी मॉडल पर भरोसा करते हैं। अब जेरोधा इसी सफल और वैश्विक स्तर पर आजमाए जा चुके फॉर्मूले को भारतीय निवेशकों के लिए आसान, समझने में सरल और पूरी तरह पारदर्शी ढांचे के साथ लेकर आया है।

Also Read: Mutual Funds का मई में कैसा रहा पोर्टफोलियो? बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देखें क्या खरीदा, क्या बेचा

2036 और 2041 की मैच्योरिटी के साथ दो विकल्प

जेरोधा फंड हाउस ने इस सीरीज की शुरुआत दो अलग-अलग समयसीमा वाले फंड्स के साथ की है। पहला है ‘जेरोधा लाइफ साइकिल फंड 2036’, जो 10 साल के लिए यानी साल 2036 में मैच्योर होगा। दूसरा विकल्प ‘जेरोधा लाइफ साइकिल फंड 2041’ है, जो 15 साल के लंबे समय यानी साल 2041 के टारगेट के साथ आता है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में अलग-अलग जरूरतों और उम्र के हिसाब से और भी कई मैच्योरिटी वाले फंड्स इस सीरीज में जोड़े जाएंगे, ताकि हर लाइफ स्टेज के निवेशक के लिए उसकी समयसीमा के हिसाब से फंड मिल सके।

अगर निवेश की बारीकियों को देखें, तो शेयर (इक्विटी) के मोर्चे पर यह फंड ‘निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स’ को ट्रैक करेगा। इसका मतलब है कि देश की बड़ी और मंझोली कंपनियों में आपका पैसा लगेगा। वहीं सुरक्षित निवेश यानी डेट के लिए यह अलग-अलग समय वाले भारतीय सरकारी बॉन्ड्स (G-secs) का सहारा लेगा। इसके अलावा पोर्टफोलियो को स्थिरता देने के लिए इसमें कमोडिटीज (सोना-चांदी) और आर्बिट्राज का तड़का भी लगाया गया है।

टैक्स का फायदा, कोई लॉक-इन नहीं और सिर्फ ₹100 से शुरुआत

इस फंड को निवेशकों के लिए और भी आकर्षक बनाने के लिए इसके टैक्स स्ट्रक्चर को बहुत आसान रखा गया है। पूरे लाइफ साइकिल के दौरान, यानी जब तक यह फंड चलेगा, टैक्स के लिहाज से इसे ‘इक्विटी फंड’ की श्रेणी में ही रखा जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशकों को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स का बेहतरीन फायदा मिलेगा, भले ही मैच्योरिटी के वक्त फंड का ज्यादातर पैसा डेट या सरकारी बॉन्ड्स में ही क्यों न चला गया हो।

आम तौर पर इस तरह की लंबी अवधि की योजनाओं में पैसा ब्लॉक हो जाता है, लेकिन जेरोधा ने इसे पूरी तरह फ्लेक्सिबल रखा है। इस फंड में कोई लॉक-इन पीरियड नहीं है। निवेशक जब चाहें, अपनी जरूरत के मुताबिक बाहर निकल सकते हैं, बस उन पर स्कीम के नियमों के अनुसार लागू एग्जिट लोड लगेगा। छोटे निवेशकों को जोड़ने के लिए इसमें न्यूनतम निवेश की सीमा महज 100 रुपये रखी गई है।

जब यह फंड अपने तय साल (2036 या 2041) में मैच्योर हो जाएगा, तब भी निवेशकों को पूरा नियंत्रण मिलेगा। वे चाहें तो अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं, या फिर उसमें बने रह सकते हैं। नियमों के तहत मैच्योरिटी के बाद इस फंड को सबसे पास वाली मैच्योरिटी वाले दूसरे लाइफ साइकिल फंड में मर्ज कर दिया जाएगा। जेरोधा और स्मॉलकेस के इस जॉइंट वेंचर का यह NFO सभी प्रमुख म्युचुअल फंड प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए मौजूद है।

Advertisement
First Published - June 19, 2026 | 6:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement