facebookmetapixel
Advertisement
कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹200 से ज्यादा सस्ता, दिल्ली-कोलकाता में घटे दाम; होटल-रेस्तरां को बड़ी राहतब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड की एंट्री फिर टली, निवेशकों की बढ़ी चिंतागिफ्ट सिटी में ग्लोबल शेयरों की ट्रेडिंग हुई दोगुनी, पहली तिमाही में ₹1.93 अरब डॉलर पहुंचा ट्रेडभारत का R&D खर्च बढ़ा, लेकिन GDP के मुकाबले हिस्सेदारी सिर्फ 0.84%; चीन और ब्राजील से पीछेइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 7 महीनों में 10 लाख से ज्यादा EV बिके; TVS सबसे आगेPM मोदी की पोस्ट ब्लॉक होने पर बढ़ा विवाद, मेटा की ग्लोबल टीम से एल्गोरिदम पर होगी सख्त पूछताछकैबिनेट के बड़े फैसले: ‘पीएम सूर्य सरोवर’ योजना मंजूर, पीएम-किसान और खेलो इंडिया को 5 साल का विस्तारसरकार ने ‘समुद्र मंथन’ योजना को दी हरी झंडी, गहरे सागर में तेल-गैस खोज के लिए ₹84,084 करोड़ मंजूरIMD के अलर्ट से बढ़ी चिंता, मॉनसून के दूसरे चरण और अगस्त महीने में सामान्य से कम होगी बारिशबजाज फिनसर्व के Q1 नतीजे मजबूत, मुनाफा बढ़कर ₹6,297 करोड़ पहुंचा, एयूएम में भी बढ़ोतरी

रुपया लगातार हो रहा मजबूत, 93 के नीचे बंद; OMC की डॉलर खरीदारी पर रोक से आया उछाल

Advertisement

पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते मार्च में करीब 4 फीसदी की गिरावट के बाद इस महीने अब तक इस मुद्रा में करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई है

Last Updated- April 20, 2026 | 10:26 PM IST
Rupee

रुपया लगातार दूसरे सत्र में मजबूत हुआ और 93 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। ऐसा उन रिपोर्टों के बीच हुआ, जिनमें कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने तेल कंपनियों से हाजिर बाजार में डॉलर खरीदने से बचने और इसके बजाय एक विशेष विंडो का इस्तेमाल करने को कहा है।

भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 92.93 पर बंद हुई जबकि पिछली बार यह 93.20 पर बंद हुई थी। रुपये में शुक्रवार को 0.29 फीसदी की बढ़त हुई थी और यह एशिया की बेहतर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रही। केवल कोरियाई वॉन, जापानी येन, सिंगापुर डॉलर और थाई बहत में ही इससे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।

इसके अलावा, 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार, विदेशी मुद्रा संपत्तियों में हुई वृद्धि के कारण 700 अरब डॉलर के आंकड़े से थोड़ा ऊपर निकल गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, भारतीय रुपया लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर का कमजोर होना, बैंकों द्वारा सोने के आयात में रुकावट और तेल आयात करने वालों की तरफ से डॉलर की मांग में कमी ने स्थानीय मुद्रा को और मजबूती दी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने शुक्रवार दोपहर को ही एक अधिसूचना जारी कर 15 प्रमुख बैंकों को सोने और चांदी के आयात की अनुमति दी। बैंकों ने इन धातुओं का आयात रोक दिया था क्योंकि वे उस आदेश का इंतज़ार कर रहे थे जो आमतौर पर वित्त वर्ष की शुरुआत के तुरंत बाद जारी किया जाता है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते मार्च में करीब 4 फीसदी की गिरावट के बाद इस महीने अब तक इस मुद्रा में करीब 2 फीसदी की बढ़त हुई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाज़ार में अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए कुछ नियामक उपाय लागू किए हैं।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाजर्स के कार्यकारी निदेशक और ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, आरबीआई द्वारा तेल कंपनियों को डॉलर की मांग से बाहर निकालने के लिए और कदम उठाने की घोषणा के साथ ही रुपया फिर से मजबूत होकर 92.65 के स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ये कदम तब तक जारी रह सकते हैं जब तक क्रेडिट लाइनें उपलब्ध हैं, जो शायद एक महीने या उससे कुछ ज्यादा समय तक हो सकता है।

रुपया धीरे-धीरे 92.00 के स्तर की ओर मजबूत हो सकता है क्योंकि बाजार से मांग का एक बड़ा हिस्सा हट गया है, जबकि इक्विटीज में तेज़ी आने के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक डॉलर बेचने वाले बन गए हैं। इस बीच, 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 3.8 अरब डॉलर बढ़कर लगभग 701 अरब डॉ़लर तक पहुंच गया।

27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 728 अरब डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद मार्च में भंडार 40 अरब डॉलर घटा था, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के बाद विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप किया। पिछले दो हफ्तों में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच शांति वार्ता के बीच स्थिरता लौटने से भंडार में 13 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पर्याप्त बना हुआ है, जो वस्तुओं के आयात के लगभग 11.2 महीनों और बकाया बाहरी ऋण के करीब 95 फीसदी को कवर करता है।

Advertisement
First Published - April 20, 2026 | 9:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement