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मार्च के बाद रुपये का सबसे मजबूत सप्ताह, डॉलर और तेल में नरमी से मिला सहारा

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इस सप्ताह रुपया करीब 1% मजबूत हुआ, जो मार्च के बाद इसका सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन है। विदेशी निवेश और शेयर बाजार की तेजी ने भी समर्थन दिया

Last Updated- July 31, 2026 | 10:10 PM IST
rupees
प्रतीकात्मक तस्वीर

शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण रुपया तेजी से मजबूत हुआ। डीलरों के मुताबिक सरकारी बैंकों ने संभवतः रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर बिक्री की जिससे भी घरेलू मुद्रा को मजबूती मिली। रुपया 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि एक दिन पहले यह 95.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस तरह, लगातार पांचवें सत्र में इसमें बढ़त दर्ज की गई।

कारोबारी सत्र के दौरान यह लगभग 95.25 के तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में आयातकों की डॉलर मांग के कारण इसकी कुछ बढ़त कम हो गई।
बाजार कारोबारियों ने बताया कि पूरे सप्ताह केंद्रीय बैंक का दखल जारी रहा। सरकारी बैंकों ने बाजार में तरलता कम होने के दौरान तेजी से डॉलर बेचे ताकि मुद्रा की वैल्यू में बहुत अधिक गिरावट न आए।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर इंडेक्स में गिरावट की वजह से आज तेज देखने को मिली।’ उन्होंने कहा, ‘पूरे सप्ताह आरबीआई के दखल की वजह से रुपया मजबूत बना रहा।’ इस सप्ताह घरेलू मुद्रा में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो मार्च के बाद से इसका सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन है। डीलरों का कहना है कि विदेशी निवेश, जिसमें एमएससीआई पुनर्संतुलन से जुड़ा निवेश भी शामिल है, और घरेलू शेयर बाजार में तेजी ने रुपये को और मजबूती दी।

हालांकि, जुलाई के महीने में डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 0.76 प्रतिशत कमजोर हुआ, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महीने भर बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा। जून में इसमें 0.36 प्रतिशत की बढ़त हुई थी। डीलरों ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी नजर में रहे। बाजार नाजुक युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों की आवाजाही को लेकर ओमान और ईरान के बीच हो रही बातचीत पर नजर बनाए हुए हैं।

डीलरों के मुताबिक, सोमवार को रुपया प्रति डॉलर 95-96 के दायरे में कारोबार कर सकता है। एक महीने का फॉरवर्ड प्रीमियम घटकर 3.02 प्रतिशत रह गया, जबकि एक साल का प्रीमियम बढ़कर 2.90 प्रतिशत हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में रुपया 0.61 प्रतिशत और मौजूदा कैलेंडर वर्ष में 5.78 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

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First Published - July 31, 2026 | 10:10 PM IST

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