facebookmetapixel
Advertisement
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे मुफ्त में शेयरOMC को भारी चपत: तेल कंपनियों को लगा ₹22,000 करोड़ का बड़ा झटका, बाजार से कम दाम पर बेची रसोई गैसCrude Oil Import: पश्चिम एशिया संकट की भारी चपत, बराबर तेल खरीदने के बाद भी 81.5% बढ़ा भारत का खर्चRBI Regulatory Action: विदेश से जुटाई उधारी की रोज देनी होगी जानकारी, RBI ने बैंकों को दिया कड़ा निर्देश

15 अक्टूबर तक आएगी सुपारी की नयी फसल

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 10:08 PM IST

वायदा कारोबार शुरू होने के बाद से सुपारी का भाव काफी समय तक नीचे उतरता रहा, लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह ‘पॉजिटिव जोन’में प्रवेश कर चुका है। गुरुवार को इसके अक्टूबर और नवंबर कॉन्ट्रैक्ट के वायदा भाव में क्रमश: 1.78 और 2.06 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एमसीएक्स में दिसंबर अनुबंध उपलब्ध तो है लेकिन इसमें कारोबार नहीं हो रहा यानी भागीदार इस अनुबंध में हाथ नहीं लगा रहे। शिमोगा हाजिर मंडी में पुरानी सुपारी का भाव 108-09 रुपये प्रति किलो रहा जबकि नई सुपारी का भाव 100-102 रुपये।

यह जानकारी एमसीएक्स के सूत्रों ने दी। गुरुवार को एमसीएक्स में कुल 190 लॉट और दो करोड़ का कारोबार हुआ। एक हफ्ते पहले एमसीएक्स में एक दिन में करीब 2.5 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है और यह सुपारी वायदा का अब तक का रेकॉर्ड है।

गुरुवार को कुल ओपन इंटरेस्ट 140 लॉट का रहा। अक्टूबर वायदा 103 रुपये प्रति किलो पर खुला और 1.78 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ जबकि नवंबर वायदा 107.10 रुपये प्रति किलो पर खुलकर 2.06 फीसदी के इजाफे के साथ बंद हुआ।

उधर, दिसंबर वायदा में गुरुवार को भी कोई कारोबार नहीं हुआ। सुपारी के उत्पादक क्षेत्र दक्षिणी राज्यों में बारिश के कारण नई फसल अब 15 अक्टूबर तक आएगी। पहले नई फसल के सितंबर के आखिरी हफ्ते तक आने की उम्मीद थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की वजह से सुपारी की पैदावार पिछले साल से 15-20 फीसदी कम रहेगी। फिलहाल सुपारी की सबसे बड़ी मंडी शिमोगा (कर्नाटक) में हर हफ्ते 600-700 बैग (70 किलो प्रति बैग) की आवक हो रही है।

कारोबारियों का कहना है कि नई फसल की गुणवत्ता फिलहाल अच्छी नहीं है।  सुपारी में अगर एक फीसदी से ज्यादा नमी पाई जाए तो उसकी क्वॉलिटी अच्छी नहीं मानी जाती।

कारोबारी फिलहाल ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपना रहे हैं। उनका कहना है कि नई फसल के आने तक इस कारोबार में तेजी नहीं आएगी।

Advertisement
First Published - September 25, 2008 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement