मॉनसून की रफ्तार बढ़ने का असर खरीफ फसलों की बोआई पर देखने को मिल रहा है। मॉनसून के देशभर में फैलने के बाद खरीफ फसलों की बोआई सुधरने लगी है। इस महीने के शुरुआत में जहां इन फसलों के रकबा में करीब 21 फीसदी गिरावट देखने को मिली, वहीं अब यह गिरावट घटकर करीब 16 फीसदी रह गई है। इस सीजन की प्रमुख फसल धान से लेकर दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, व कपास के रकबा में गिरावट दर्ज की गई है।
केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 10 जुलाई तक 531.25 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछली समान अवधि में 632.69 लाख हेक्टेयर में बोई गईं खरीफ फसलों की तुलना में करीब 16 फीसदी कम हैं। 5 जुलाई को समाप्त सप्ताह तक इन फसलों के रकबा में 20.76 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। खरीफ फसलों का सामान्य रकबा 1,104.46 लाख हेक्टेयर है। इस तरह खरीफ फसलों की बोआई सामान्य रकबा के आधे के करीब पहुंच गई है। 10 जुलाई तक कपास का रकबा करीब 15 फीसदी घटकर 78.54 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि गन्ने का 1.50 फीसदी बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गया
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई तक खरीफ सीजन की सबसे बड़ी फसल धान का रकबा 114.69 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 125.53 लाख हेक्टेयर था। इस तरह धान के रकबा में 8.62 फीसदी गिरावट दर्ज की गई, जबकि 5 जुलाई तक यह गिरावट 13 फीसदी थी। इस सीजन में धान का सामान्य रकबा 412 लाख हेक्टेयर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस खरीफ सीजन में 10 जुलाई तक दलहन फसलों की बोआई 56.63 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछली समान अवधि की 73.65 लाख हेक्टेयर से 23.31 फीसदी कम रही। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल अरहर का रकबा 28 फीसदी घटकर 19.54 लाख हेक्टेयर रह गया। इस दौरान मूंग का रकबा 10.63 फीसदी घटकर 21.52 लाख हेक्टेयर और उड़द का 29.72 फीसदी घटकर करीब 9.34 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 10 जुलाई तक 117.83 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछली समान अवधि में बोई गईं 149.18 लाख हेक्टेयर से करीब 21 फीसदी कम है, जबकि जुलाई तक इनका रकबा 39.33 फीसदी कम था। इस सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा करीब 16 फीसदी घटकर 90.51 लाख हेक्टेयर रह गया । 5 जुलाई तक इसकी बोआई में 39.65 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। मूंगफली का रकबा करीब 34 फीसदी घटकर 23.40 लाख हेक्टेयर रह गया।
चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का रकबा भी पिछड़ रहा है। 10 जुलाई तक इन अनाजों का रकबा 98.69 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछली समान अवधि के रकबा 127.30 लाख हेक्टेयर से करीब 22.50 फीसदी कम है। इन अनाजाें में बाजरा की बोआई 26.57 फीसदी घटकर 33.73 लाख हेक्टेयर और मक्का का रकबा 19.53 फीसदी घटकर 55.97 लाख हेक्टेयर रह गया।
| फसल | 10 जुलाई 2026 | 10 जुलाई 2025 | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| कुल खरीफ बोआई | 531.25 | 632.69 | -16.04% |
| धान | 114.69 | 125.53 | -8.62% |
| दलहन (कुल) | 56.63 | 73.65 | -23.31% |
| अरहर | 19.54 | 27.14 | -28.00% |
| मूंग | 21.52 | 24.09 | -10.63% |
| उड़द | 9.34 | 13.29 | -29.72% |
| तिलहन (कुल) | 117.83 | 149.18 | -21.02% |
| सोयाबीन | 90.51 | 107.75 | -16.00% |
| मूंगफली | 23.40 | 35.45 | -34.00% |
| मोटे अनाज (कुल) | 98.69 | 127.30 | -22.50% |
| बाजरा | 33.73 | 45.94 | -26.57% |
| मक्का | 55.97 | 69.55 | -19.53% |
| कपास | 78.54 | 92.40 | -15.00% |
| गन्ना | 57.58 | 56.73 | +1.50% |
स्रोत: केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय