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कानपुर में कबाड़ियों की मौज

Last Updated- December 07, 2022 | 11:03 AM IST

कबाड़ियों के शहर के नाम से मशहूर कानपुर में उत्तर प्रदेश  की सबसे बड़ी कबाड़ मंडी है। यहां के कबाड़ियों का मानना है कि सरकारी सहूलियतों के बिना उन्होंने अपने कारोबार को पिछले दो सालों के भीतर ही दोगुने से ज्यादा कर लिया है।


उत्तर प्रदेश में कानपुर, लोहा स्क्रेप के व्यापार का सबसे बड़ा केन्द्र है। अनुमानों के हिसाब से रोजाना विभिन्न तरह के लोहे के स्क्रेप का व्यापार होता है। लोहे और कबाड़ के व्यापार के लिए शहर के कबाड़ी मार्केट, फजलगंज, नारायणपुर और कोयला नगर प्रमुख हैं। लोहे के  कबाड़ का व्यापार करने वाले कबाडियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि पिछले कुछ सालों से हमारे कारोबार में बढ़ोतरी हुई है।

लेकिन जनवरी के बाद से हमारे कारोबार में फिर से गिरावट आ रही है। जनवरी में लोहे के कबाड़ की कीमत 30 से 32 रुपये थी जो अब घटकर 24 से 26 रुपये प्रतिकिलो रह गई है। कबाड़ियों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष मानसून के समय उनके कारोबार में गिरावट आ जाती है। लेकिन सितंबर तक कारोबार में फिर से बढ़ोतरी होने लगती है।

First Published - July 15, 2008 | 12:04 AM IST

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