देश में बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान के बावजूद फसल सत्र 2025-26 के दौरान गेहूं का उत्पादन 2.29 प्रतिशत बढ़कर 12.06 करोड़ टन रहने का अनुमान है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। यह अनुमान कृषि मंत्रालय के 2025-26 के मानसून की शुरुआत में लगाए गए 12.02 करोड़ टन उत्पादन के अनुमान के अनुरूप है। यह फसल सत्र 2024-25 में दर्ज 11.79 करोड़ टन गेहूं उत्पादन से अधिक है।
कृषि मंत्रालय ने जुलाई 2025- जून 2026 सत्र के लिए प्रमुख कृषि फसलों का तीसरा अनुमान जारी करते हुए कहा, ‘गेहूं का उत्पादन 12.06 करोड़ टन होने का अनुमान है, जो एक साल पहले की तुलना में 27.12 लाख टन अधिक है।’
मंत्रालय ने हमेशा यह कहा है कि बेमौसम बारिश और ओले के कारण कुछ स्थानों पर हुए नुकसान के बावजूद देश का गेहूं उत्पादन स्थिर और मजबूत बना रहेगा।
कुछ सप्ताह पहले सरकार ने इस सीजन में किसानों से 345 लाख टन गेहूं खरीदने का फैसला किया था, जो इसके पहले के 300 लाख टन लक्ष्य की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। शुरुआती सुस्ती के बाद अब तक कुल खरीद 340 लाख टन रहा है। बहरहाल निजी अनुमानों के मुताबिक 2025-26 में गेहूं का उत्पादन करीब 11.06 करोड़ टन रहेगा, जो पहले के 10.96 करोड़ टन उत्पादन के अनुमान से थोड़ा अधिक है।
2025-26 में कुल खाद्यान्न उत्पाद नबढ़कर 37.66 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो इसके पिछले साल के दौरान 35.77 करोड़ टन था। कृषि मंत्री शिवराज चौरान ने फसल के बंपर उत्पादन का स्वागत करते हुए कहा कि उत्पादन में बढ़ोतरी सरकार की कृषि नीतियों के सकारात्मक असर के कारण हुआ है।