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मसाला निर्यात आय में भारी उछाल

Last Updated- December 07, 2022 | 4:03 AM IST

मसाला निर्यात से होने वाली आय में पहली बार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


वित्त वर्ष 2007-08 में भारत ने कुल 4.44 लाख टन मसाले का निर्यात किया और इसकेजरिए 4435.5 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की। इससे पहले 2006-07 में 3.73 लाख टन मसाले का निर्यात हुआ था और 3575.75 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की गई थी।

पिछले साल मसाला बोर्ड ने हालांकि 3600 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया था, लेकिन बोर्ड के अनुमान से कहीं ज्यादा राजस्व 4435 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा। मात्रा के लिहाजा से मसाला निर्यात में 117 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि रुपये के लिहाज से इसमें 1223 फीसदी का उछाल आया।

अगर डॉलर के लिहाज से बात की जाए तो इसमें 126 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। मसाला बोर्ड के जरिए भारत 130 देशों को मसाले का निर्यात करता है। हालांकि जब राजस्व की बात आती है तो भारत को मिलने वाले राजस्व का 80 फीसदी सिर्फ 20 देशों से आता है। यहां कुल 40 लाख टन मसाले का उत्पादन होता है, लेकिन निर्यात सिर्फ 10 फीसदी होता है।

पिछले साल भारत ने काली मिर्च के निर्यात में नया मुकाम हासिल किया था। इस दौरान भारत ने 30 हजार टन काली मिर्च के निर्यात लक्ष्य से कहीं ज्यादा 35 हजार टन काली मिर्च का निर्यात किया। इसके जरिए भारत ने 450 करोड़ रुपये के मुकाबले 519.5 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया। मात्रा के लिहाज से इसमें 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि कीमत के लिहाज से इसमें 70 फीसदी का उछाल आया।

अगर इलायची की बात की जाए तो रुपये के लिहाज से इसमें 11 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया, लेकिन मात्रा के लिहाज से इसमें गिरावट आ गई और यह 150 टन के स्तर पर आ गिरा। उधर, चीन में मिर्च की फसल खराब होने के कारण मिर्च निर्यात के मामले में भारत का दबदबा कायम रहा। 2007-08 में कुल 2.09 लाख टन सूखी मिर्च का निर्यात हुआ और इसके जरिए 1097.59 करोड़ रुपये की आय हुई।

इसके पहले के वित्त वर्ष में 1.48 लाख टन मिर्च का निर्यात हुआ थआ और 807 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई थी। इस बीच, अमेरिकी मसाला उद्योग ने भारत पर भरोसा जताते हुए उसे अच्छी क्वॉलिटी के मसाले की सप्लाई करने वाले महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पहचाना है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा स्थापित किए जाने वाला मसाला पार्क इडुक्की में शुरू किया जाना है और इसके सितंबर 2008 तक चालू हो जाने की उम्मीद है। इस बाबत 15 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है।

First Published - June 6, 2008 | 11:18 PM IST

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