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35 रुपये किलो वाली सरकारी प्याज की भारी मांग, कांदा एक्सप्रेस से 17 शहरों में पहुंची खेप

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महंगे प्याज के आंसू रोती जनता को राहत देने के लिए सरकार 35 रुपये किलो की दर से बफर स्टॉक बेच रही है, जिससे बाजार भाव में हल्की गिरावट आई है

Last Updated- September 06, 2026 | 3:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: PTI

महंगी प्याज से परेशान लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई सस्ती प्याज की बिक्री को शुरुआती 10 दिनों में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। सरकार अब तक 17 शहरों में करीब 4,000 टन प्याज बेच चुकी है। यह प्याज चुनिंदा शहरों में 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है।

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने रविवार को बताया कि सरकार के इस कदम से बाजार में प्याज की कीमतों पर कुछ असर पड़ा है। हालांकि, कीमतों में अभी मामूली गिरावट ही देखने को मिली है। सरकार का मकसद बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर महंगी प्याज से लोगों को राहत देना है।

1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक

केंद्र सरकार के पास 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है। सरकार की एजेंसियां नेफेड और NCCF इस स्टॉक को प्याज उपजाने वाले राज्यों से देश के अलग-अलग खपत वाले इलाकों तक पहुंचा रही हैं।

इसके लिए ट्रकों के साथ-साथ खास रेल रैक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस रेल सेवा को ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में प्याज को एक शहर से दूसरे शहर तक भेजा जा रहा है।

निधि खरे के मुताबिक, दिल्ली और चेन्नई तक कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्याज की बड़ी खेप पहुंच चुकी है। अब तीसरी खेप गुवाहाटी भेजने के लिए लोड की जा रही है। सरकार के मुताबिक, बफर स्टॉक की प्याज का आकार और क्वालिटी दूसरे कारोबारियों की ओर से बेची जा रही प्याज के बराबर है।

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NCCF ने अब तक बेची 1,500 टन प्याज

NCCF की प्रबंध निदेशक अनिस जोसेफ चंद्रा ने बताया कि उनकी संस्था अकेले अब तक अलग-अलग शहरों में 1,500 टन बफर प्याज बेच चुकी है। बिक्री का मुख्य फोकस खुदरा बाजार है और प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है।

कई राज्य सरकारों ने भी इस योजना में दिलचस्पी दिखाई है। NCCF ने कुछ राज्यों के साथ मिलकर वहां अपने स्टोर, मोबाइल वैन, सहकारी समितियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से तय किए गए दूसरे माध्यमों से प्याज बेचने की व्यवस्था की है।

फिलहाल NCCF की यह खुदरा बिक्री दिल्ली-एनसीआर, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, पंजाब और ओडिशा समेत कुछ अन्य राज्यों में चल रही है। बफर स्टॉक से प्याज को इन राज्यों तक पहुंचाने से पहले उसकी छंटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग की जिम्मेदारी केंद्रीय भंडारण निगम संभाल रहा है।

प्याज की कीमतों में आई कमी!

NCCF के मुताबिक, सस्ती प्याज की बिक्री शुरू होने के बाद बाजार भाव में करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। हालांकि, उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 5 सितंबर को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव 50.79 रुपये प्रति किलो था, जबकि 28 अगस्त को योजना शुरू होने के समय यह 48.50 रुपये प्रति किलो था।

5 सितंबर को दिल्ली में प्याज 58 रुपये, मुंबई में 53 रुपये, चेन्नई में 63 रुपये और रांची में 40 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी। वहीं, देश में प्याज का औसत थोक भाव 42.79 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।

इस बीच, अधिकारियों का कहना है कि नई खरीफ प्याज की फसल को लेकर स्थिति बेहतर है। इसके अक्टूबर के मध्य से बाजार में आने की उम्मीद है। इससे प्याज की उपलब्धता बढ़ सकती है और आने वाले समय में कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।

रबी प्याज की फसल, जिसे आमतौर पर साल के बाद के महीनों में बिक्री के लिए रखा जाता है, इस बार कटाई के दौरान बेमौसम बारिश से कुछ प्रभावित हुई थी।

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First Published - September 6, 2026 | 2:55 PM IST

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