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त्योहारों के लिए रिफाइनरों ने बढ़ाया स्टॉक, खाद्य तेल आयात 15.4 लाख टन पर पहुंचा

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पाम तेल और सोयाबीन तेल के ज्‍यादा शिपमेंट के कारण खाद्य तेल का आयात 4% बढ़कर 11 महीने के सबसे ऊंचे 15.4 लाख टन पर पहुंच गया

Last Updated- September 03, 2026 | 2:09 PM IST
Vegetable Oil Import

Edible oil imports: त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए खाद्य तेल व्यापारियों ने अगस्त महीने में खाद्य तेलों का जमकर आयात किया। अगस्‍त में सोयाबीन तेल का आयात रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इसी तरह भारतीय रिफाइनरों ने पाम तेल का भी ताबड़तोड़ इंपोर्ट किया। यह छह महीनों में सबसे ज्यादा रहा। त्योहारी सीजन की मजबूत मांग को देखते हुए भारतीय रिफाइनर्स द्वारा खाद्य तेलों का आयात बढ़ाया जा रहा है। अगस्त-सितम्बर में अक्सर खाद्य तेलों का आयात काफी बढ़ जाता है।

खाद्य तेल आयात 11 महीने के उच्च स्तर पर

भारतीय रिफाइनरों ने अगस्त में रिकॉर्ड मात्रा में सोयाबीन तेल का आयात किया। पाम तेल और सोयाबीन तेल के ज्‍यादा शिपमेंट के कारण खाद्य तेल का आयात 4% बढ़कर 11 महीने के सबसे ऊंचे 15.4 लाख टन पर पहुंच गया। पाम तेल इंपोर्ट छह महीनों में सबसे ज्‍यादा रहा । डीलरों के औसत अनुमानों के अनुसार, अगस्त में भारत का पाम तेल आयात पिछले महीने के मुकाबले 7% बढ़कर 7,80,000 टन हो गया।

रुस-यूक्रेन की जंग, अटका सोयाबीन

सोयाबीन तेल का आयात महीने-दर-महीने 21% बढ़कर रिकॉर्ड 6,01,000 टन हो गया। जबकि सूरजमुखी तेल का शिपमेंट 38% गिरा। यह लुढ़ककर छह महीने के निचले स्तर 1,57,000 टन पर आ गया। आमतौर पर पाम तेल, सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में संतुलन की स्थिति रहती है लेकिन अगर किसी तेल के शिपमेंट में बाधा उत्पन्न होती है तो दूसरे तेल का आयात बढ़ जाता है।

अगस्त में सूरजमुखी तेल का आयात काफी घट गया क्योंकि इसके दो शीर्ष आपूर्तिकर्ता देशों- रूस तथा यूक्रेन के बीच भयंकर युद्ध जारी रहने से काला सागर क्षेत्र के बंदरगाहों से होने वाला शिपमेंट बुरी तरह अव्यवस्थित हो गया। रूस तथा यूक्रेन एक-दूसरे के बंदरगाहों पर भीषण हमले कर रहे हैं। वैसे अर्जेन्टीना एवं कुछ अन्य देशों से सूरजमुखी तेल का आयात जारी है।

आगे भी खाद्य तेलों का आयात बढ़ने की अनुमान

भारत खाद्य तेल का दुनिया में सबसे बड़ा आयातक है। उसके पाम तेल और सोयाबीन तेल की ज्‍यादा खरीद से इंडोनेशिया, मलेशिया और अर्जेंटीना जैसे बड़े उत्पादकों को अपना स्टॉक कम करने और बेंचमार्क पाम तेल और सोयाबीन तेल के वायदा भाव को सहारा देने में मदद मिल सकती है। इंडोनेशिया मलेशिया एवं थाईलैंड से पाम तेल तथा अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल का निर्बाध आयात हो रहा है।

समीक्षकों के अनुसार सितंबर में भी इन तीनों खाद्य तेलों का भारी-भरकम आयात होने की संभावना है। घरेलू प्रभाग में पाम तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल एवं मूंगफली तेल का भाव ऊंचे स्तर पर मौजूद है इसलिए विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों के आयात को प्रोत्साहन मिल रहा है।

त्योहारी मांग से बढ़ा आयात

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर कहते हैं कि भारत में अगस्त से नवम्बर के दौरान पर्व-त्यौहारों की एक लम्बी श्रृंखला मौजूद रहती है और इस अवधि के दौरान खाद्य तेलों की घरेलू मांग एवं खपत काफी बढ़ जाती है। इन त्यौहारों में रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एवं छठ आदि शामिल हैं। रिफाइनर्स पहले से ही इस अवधि के लिए खाद्य तेलों का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर देते हैं। इस बार भी ऐसा ही देखा जा रहा है।

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First Published - September 3, 2026 | 12:56 PM IST

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