शेयर बाजार के निवेशकों के लिए कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली मशहूर कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयर पर नजर रखने का यह अहम समय है। कंपनी जल्द ही अपने शेयरधारकों को 50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने जा रही है। कंपनी के शेयरों का फेस वैल्यू में 10 रुपये हैं, जिसके हिसाब से यह 500 फीसदी बैठता है। हालांकि, इस डिविडेंड का फायदा उठाने के लिए बाहर के निवेशकों को तय तारीख से पहले कंपनी के शेयर खरीदने होंगे।
कंपनी के शेयर 9 सितंबर से एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। यानी जो निवेशक 9 सितंबर या उसके बाद फोर्स मोटर्स के शेयर खरीदेंगे, उन्हें इस डिविडेंड का फायदा नहीं मिलेगा। कंपनी के मुताबिक, डिविडेंड का पेमेंट 16 अक्टूबर को किया जाएगा।
बीते शुक्रवार को फोर्स मोटर्स के शेयर 0.20 फीसदी की ऊछाल के साथ 17560.00 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयरों में बीते एक महीने में 4.20 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
अगर लंबे समय में में कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो बीते एक साल, दो साल और पांच साल में फोर्स मोटर्स के शेयरों में क्रमश: -2.96 फीसदी, 116.86 फीसदी और 1,182.50 फीसदी का उछाल देखा गया। कंपनी के शेयर बीते 10 साल में 473.84 फीसदी उछला है।
कंपनी के शेयरों का 52-वीक हाई और 52-वीक लो क्रमश: 26,485.95 रुपये और 14,911.45 रुपये है। BSE के मुताबिक, कंपनी का मार्केट कैप अभी 22,885.77 रुपये है।
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मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, फोर्स मोटर्स अपने मुनाफे और फ्री कैश फ्लो का बहुत छोटा हिस्सा ही डिविडेंड के तौर पर शेयरधारकों को दे रही है। इससे फिलहाल कंपनी के डिविडेंड पर ज्यादा दबाव नजर नहीं आता। हालांकि, सिर्फ डिविडेंड देखकर किसी शेयर में पैसा लगाना सही नहीं है। निवेश करने से पहले कंपनी की आर्थिक स्थिति, कारोबार की ग्रोथ, शेयर की मौजूदा कीमत और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को जरूर देखना चाहिए।
फोर्स मोटर्स मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों बनाने और बेचने वाली ऑटो कंपनी है। कंपनी अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई तरह के वाहन बनाती है। इसके पोर्टफोलियो में ट्रैवलर, अर्बेनिया, ट्रैक्स, मोनोबस और गुरखा जैसे चर्चित वाहन शामिल हैं।
कंपनी की गाड़ियों का इस्तेमाल सिर्फ आम यात्रियों के लिए ही नहीं होता, बल्कि कई खास कामों में भी किया जाता है। फोर्स मोटर्स पुलिस, स्कूल, बैंक और जंगल सफारी जैसी जरूरतों के लिए भी विशेष तरह की गाड़ियां तैयार करती है। इस तरह कंपनी अलग-अलग क्षेत्रों और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से वाहन उपलब्ध कराती है।