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गेहूं की सरकारी खरीद पिछले साल से आगे निकली

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सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि केंद्रीय भंडारण के लिए 262.48 लाख टन रबी मौसम का अनाज पहले ही खरीदा जा चुका है।

Last Updated- May 24, 2024 | 3:18 PM IST
Wheat
Representative Image

गेहूं की खरीद विपणन वर्ष 2024-25 में पिछले साल से आगे निकल गयी है। यह इस दौरान 262.48 लाख टन रही जबकि पिछले साल की कुल खरीद 262.02 लाख टन रही थी। मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में अच्छी खरीद से कुल खरीद को बढ़ावा मिला है।

सरकार ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि केंद्रीय भंडारण के लिए 262.48 लाख टन रबी मौसम का अनाज पहले ही खरीदा जा चुका है। इससे 59,715 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 22.31 लाख किसानों को लाभ हुआ है।

बयान में कहा गया, पंजाब में 124.26 लाख टन, हरियाणा में 71.49 लाख टन, मध्य प्रदेश में 47.78 लाख टन, राजस्थान में 9.66 लाख टन और उत्तर प्रदेश में 9.07 लाख टन खरीद की गई। गेहूं की खरीद आम तौर पर अप्रैल से मार्च तक चलती है, लेकिन केंद्र ने इस साल राज्यों को फसल की आवक के आधार पर खरीद करने की अनुमति दी है। अधिकतर राज्यों में खरीद मार्च की शुरुआत में शुरू हुई। सरकार ने विपणन वर्ष 2024-25 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 30 से 32 करोड़ टन निर्धारित किया है।

चावल की खरीद भी सुचारू रूप से जारी है। 489.15 लाख टन चावल के बराबर 728.42 लाख टन धान करीब 1,60,472 करोड़ रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 98.26 लाख किसानों से खरीदा गया है।

सरकार ने कहा कि गेहूं और चावल का संयुक्त भंडार वर्तमान में केंद्रीय भंडारण में 600 लाख टन से अधिक है। यह पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ बाजार में हस्तक्षेप के तहत देश को अपनी खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक आरामदायक स्थिति में लाता है।

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First Published - May 24, 2024 | 3:18 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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