facebookmetapixel
Advertisement
आय सर्वेक्षण में लोगों की झिझक बड़ी चुनौती, विदेशी मॉडल्स से सीखने की तैयारी में भारत Aviva Life का बड़ा लक्ष्य: 5 साल में न्यू बिजनेस प्रीमियम ₹1,000 करोड़ पहुंचाने की तैयारीसुरक्षा और नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों से जीवन बीमा कंपनियों का VNB बढ़ा, LIC सबसे आगेसरकार ने बड़े MFIs को दी राहत, क्रेडिट गारंटी सीमा ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कीरिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा निफ्टी मिडकैप 100, अमेरिकी हमलों के बीच घरेलू निवेशकों के दम पर बनाया नया रिकॉर्डएंटी-डंपिंग शुल्क लागू होने पर 3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत कर सकता है भारततनाव बढ़ने की संभावना और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से टूटा रुपया, डॉलर के मुकाबले 95.66 के स्तर पर बंदचीन को टक्कर देने की तैयारी? महत्त्वपूर्ण खनिजों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए क्वाड देश जुटाएंगे $20 अरबआयात शुल्क में बढ़ोतरी व युद्ध संकट के बावजूद निवेश जारी रखेगी टाइटन, चुनौतियों से निपटने की तैयारी में जुटी कंपनीनई दिल्ली में जुटे क्वाड देशों के विदेश मंत्री, हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री निगरानी बढ़ाने पर बनी सहमति

18 फीसदी घटी गेहूं की सरकारी खरीद, मंडियों में आवक सुधरी

Advertisement
Last Updated- April 17, 2023 | 5:00 PM IST
Keeping an eye on water and grain storage in summer

सरकार ने चालू विपणन वर्ष (अप्रैल 2023-मार्च 2024) में अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सीधे किसानों से 41 लाख टन गेहूं की खरीद की है जो एक साल पहले की तुलना में 18 फीसदी कम है।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अशोक के मीणा ने सोमवार को कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद में गिरावट मुख्यतः बेमौसम बारिश के कारण कटाई में देर होने और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में आवक कम होने की वजह से हुई है।

गेहूं उत्पादक राज्यों के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान होने से कुछ जगहों पर अनाज की गुणवत्ता खराब हुई है। हालांकि, सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की खरीद के नियमों में ढील दी है।

मीणा ने कहा, ‘मौजूदा विपणन वर्ष में 16 अप्रैल तक गेहूं की खरीद 41 लाख टन तक पहुंच गई है, जो एक साल पहले की समान अवधि में रही 50 लाख टन की खरीद से थोड़ी कम है।’

हालांकि उन्होंने आने वाले दिनों में सरकारी खरीद में तेजी आने की उम्मीद जताते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा की मंडियों में गेहूं की आवक बेहतर है।

FCI राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है जो राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एमएसपी पर गेहूं की खरीद करती है। यह खरीद उत्पादक किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए बफर स्टॉक बनाए रखने के लिए भी की जाती है।

सरकार ने विपणन वर्ष 2023-24 के लिए 3.42 करोड़ टन गेहूं का खरीद लक्ष्य तय किया है जबकि 2022-23 के सत्र में 1.9 करोड़ टन की वास्तविक खरीद की गई थी। पिछले साल गर्मी की लहर के कारण घरेलू गेहूं उत्पादन में गिरावट आने से गेहूं की खरीद कम हुई थी।

हालांकि, इस साल गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 11.218 करोड़ टन रहने का अनुमान है और हाल की बेमौसम बारिश के बावजूद सरकार को यह लक्ष्य हासिल करने का भरोसा है।

Advertisement
First Published - April 17, 2023 | 5:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement