facebookmetapixel
GST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लबVodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत2026 में 1,00,000 के पार जाएगा सेंसेक्स ? एक्सपर्ट्स और चार्ट ये दे रहे संकेतसिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 10% तक टूट ITC और गोडफ्रे फिलिप्स के शेयर; 1 फरवरी से लागू होंगे नियमहोटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरीRBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, क्रिप्टो पर सतर्कता; CBDC को बढ़ावा

मुंबई में और भड़की खाद्य तेल की आग

Last Updated- December 07, 2022 | 1:45 AM IST

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद खाद्य तेल की बढ़ती कीमत पर लगाम नहीं लग पा रहा है। सोमवार को हाजिर बाजार में लगभग सभी खाद्य तेलों की कीमत में उछाल देखने को मिला।


सबसे ज्यादा सरसों तेल की कीमत में 4 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार के जानकारों के अनुसार स्टॉकिस्टों की जोरदार खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है जो अभी आगे भी जारी रह सकता है।

सोमवार को मुंबई खाद्य तेल बाजार में तेजी का दौर सुबह से ही दिखाई देने लगा था। शनिवार को बाजार बंद होते वक्त सूरजमुखी तेल एक्सपेलर 66.5 रुपये प्रति किलो था, जो 22 रुपये बढ़ कर 68.7 रुपये हो गया। इसी तरह सूरजमुखी तेल रिफाइंड 71 रुपये से 1.5 रुपये बढ़कर 72.5 रुपये प्रति किलो हो गया। मूंगफली तेल 70 रुपये से 71.5 रुपये, सोया तेल रिफाइंड 62 रुपए से 62.5 रुपये और सरसों तेल प्रति 62 रुपये से बढ़कर 66 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।

खाद्य तेलों में आई उछाल के बारे में सॉलवेंट एक्सटे्रडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत मेहता कहते हैं कि मूलभूत वजहों से बाजार में तेजी देखी जा रही है। घरेलू बाजार इस समय पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार का अनुसरण कर रहे हैं। जब विदेशी बाजारों में तेजी का दौर चल रहा हो तो घरेलू बाजार को इससे बचा पाना बहुत मुश्किल काम हो जाता है।

उन्होंने बताया कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार के जो हालात हैं उन्हें देखते हुए तो लगता है कि आने वाले कुछ हफ्तों तक तो खाद्य तेल की कीमतें और बढ़ेगीं। सरकार ने खाद्य तेल की कीमतों को आम आदमी की पहुंच से बाहर न जाने देने के लिए पिछले दिनों सोयाबीन के वायदा कारोबार में रोक लगाने के साथ-साथ खाद्य तेलों की स्टॉक लिमिट भी निर्धारित की थी, लेकिन उसका फिलहाल कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

First Published - May 27, 2008 | 12:06 AM IST

संबंधित पोस्ट