facebookmetapixel
1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लबVodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत2026 में 1,00,000 के पार जाएगा सेंसेक्स ? एक्सपर्ट्स और चार्ट ये दे रहे संकेतसिगरेट पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, 10% तक टूट ITC और गोडफ्रे फिलिप्स के शेयर; 1 फरवरी से लागू होंगे नियमहोटलों को एयरलाइंस की तरह अपनाना चाहिए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल: दीक्षा सूरी

साेयाबीन की पेराई घटी, सोया खली निर्यात में भी आने लगी सुस्ती

फरवरी महीने में 9.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जो पिछले साल के समान महीने में हुई 10 लाख टन पेराई से 5 फीसदी कम है। फरवरी में जनवरी से भी कम पेराई हुई है।

Last Updated- March 15, 2024 | 4:02 PM IST
soyabean
Representative Image

चालू तेल वर्ष 2023-24 (अक्टूबर से सितंबर) में अब सोयाबीन की पेराई सुस्त पड़ गई है। बीते दो-तीन महीने से सोयाबीन की पेराई में गिरावट देखी जा रही है। फरवरी महीने में भी सोयाबीन की पेराई कम हुई है। पेराई कम होने के साथ ही सोया खली की निर्यात मांग भी कमजोर पड़ने लगी है।

सोयाबीन पेराई में कितनी आई कमी?
सोयाबीन उद्योग के प्रमुख संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 की अक्टूबर-फरवरी अवधि में 52.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई है, जो पिछली समान अवधि में हुई 55.50 लाख टन पेराई से 5.40 फीसदी कम है। फरवरी महीने में 9.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई, जो पिछले साल के समान महीने में हुई 10 लाख टन पेराई से 5 फीसदी कम है। फरवरी में जनवरी से भी कम पेराई हुई है। जनवरी में 10.50 लाख टन सोयाबीन की पेराई हुई थी। सोपा ने चालू तेल वर्ष में 120 लाख टन सोयाबीन की पेराई होने का अनुमान लगाया है, जो पिछले तेल वर्ष में हुई 115 लाख टन पेराई से 5.75 फीसदी अधिक है।

अब सोया खली निर्यात में भी आने लगी सुस्ती
सोपा के अनुसार चालू तेल वर्ष में अब सोया खली का निर्यात धीमा पड़ने लगा है। फरवरी महीने में 2 लाख टन सोया खली का निर्यात हुआ, जो पिछले साल फरवरी में निर्यात हुई 2.84 लाख टन सोया खली से करीब 29.50 फीसदी कम है। हालांकि चालू तेल वर्ष की अक्टूबर-फरवरी अवधि में सोया खली के कुल निर्यात में अभी भी वृद्धि देखी जा रही है। इस अवधि में 8.94 लाख टन सोया खली का निर्यात हुआ है, जो पिछली समान के 8.52 लाख टन निर्यात से करीब 5 फीसदी ज्यादा है। सोया खली निर्यात सुस्त पड़ने की वजह भारतीय सोया खली के खरीदारों द्वारा अर्जेंटीना, ब्राजील व अन्य देशों से खली खरीदने को तरजीह देना है क्योंकि भारतीय सोया खली उन्हें महंगी पड़ रही है।

First Published - March 15, 2024 | 4:02 PM IST

संबंधित पोस्ट