facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: Biocon, Paytm, NLC India समेत कई स्टॉक्स पर रहेगी नजरफिनटेक के BC नेटवर्क पर RBI की बढ़ सकती है निगरानी, लाइसेंस व्यवस्था पर चल रही चर्चाRBI ने बैंकों को साल भर मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा गवर्नेंस बनाए रखने की सलाह दीवोडाफोन आइडिया को AGR बकाया पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमानWindsor बनी 2025 की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार, बिक्री 46,735 वाहन तक पहुंचीगुजरात के खोरज में नया संयंत्र लगाएगी मारुति सुजूकी, 10 लाख कारों की होगी सालाना क्षमताक्लीनर टेक्नॉलजी का उभार: भारत में EV-CNG-हाइब्रिड की हिस्सेदारी तीन साल में हुई दोगुनीमारुति सुजूकी ने इंडियन ऑयल संग किया करार, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगी कार सर्विसिंग की सुविधानेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11 जनवरी तक करीब 9%बढ़ा, रिफंड घटने से बढ़ा कलेक्शनTCS में कर्मचारियों की संख्या में लगातार गिरावट, तीसरी तिमाही में 11 हजार से ज्यादा कर्मचारी हुए कम

कपास उत्पादन में गिरावट के आसार

Last Updated- December 07, 2022 | 7:48 PM IST

विश्व का कपास उत्पादन वैकल्पिक फसलों की बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा की वजह से क्षेत्रफल में आई कमी के कारण वर्ष 2008-09 में छह प्रतिशत घटकर 2.47 करोड़ टन रह सकता है।


अंतरराष्ट्रीय कपास परामर्शक समिति (आईसीएसी) ने एक बयान में कहा, ‘वर्ष 2008-09 में विश्व उत्पादन में अनुमानित कमी अमेरिका में 12 लाख टन की कमी आने की वजह से होगी।’ गौरतलब है कि वर्ष 2007-08 में कुल विश्व उत्पादन दो करोड़ 62.4 लाख टन का हुआ था।

आईसीएसी ने कहा कि कपास की खपत भी एक प्रतिशत घटकर 2.62 करोड़ टन रह सकती है जिसके कारण धीमी वैश्विक आर्थिक विकास के साथ साथ पॉलिएस्टर की तुलना में कपास की अधिक कीमत का होना है। वर्ष 2007-08 में कपास की कुल खपत दो करोड़ 65.5 लाख टन थी।

इसमें कहा गया है कि कपास का मिल द्वारा इस्तेमाल अमेरिका, चीन, रूस, यूरोपीय संघ, ब्राजील, तुर्की, मेक्सिको, थाइलैंड और कोरिया गणराज्य में घट सकता है। संगठन ने कहा है कि चीन, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और वियतनाम में कपास की मांग बढ़ेगी।

वर्ष 2008-09 के दौरान चीन के आयात में पर्याप्त वृध्दि के कारण कुल वैश्विक आयात तीन प्रतिशत बढ़कर 86 लाख टन हो जाएगा। शेष दुनिया के देशों द्वारा आयात लगातार दूसरे सत्र में भी कम रहने का अनुमान है। पिछले साल का बचा भंडार 107 लाख टन का है जो 12 प्रतिशत कम है।

First Published - September 4, 2008 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट