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अमेरिकी संकट से तांबे में नरमी

Last Updated- December 07, 2022 | 9:44 PM IST

मौजूदा वित्तीय संकट की चपेट में कई?और कंपनियों के आने की संभावना से तांबे की मांग में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। तांबे की कीमतों में आज चौथे दिन भी गिरावट जारी रही और यह गिरकर नौ महीने के न्यूनतम स्तर पर जा पहुंचा।

इस तरह इस हफ्ते तांबे के वायदा मूल्यों में 6.7 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। जानकारों के मुताबिक,  ऋण संकट के चलते अमेरिका की कई वित्तीय कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

साउथवेस्ट फ्यूचर्स कंपनी के विश्लेषक जिया झेंग के अनुसार, तांबे की कीमत में इस अनुमान से भी गिरावट आई कि विश्व के सबसे बड़े तांबा उपभोक्ता चीन का तांबा भंडार इस सप्ताह बढ़कर लगभग 4,000 टन तक पहुंच जाएगा। जिया ने कहा कि लोगां की निगाहें चीन की तरफ है।

लोगों को लगता है कि इस मंदी से उबरने में चीन कुछ मदद कर सकता है। चिंता इस बात की है कि इस वित्तीय उठापटक से शायद चीन भी अछूता नहीं रह पाएगा।लंदन मेटल एक्सचेंज में तीन महीने के दौरान डिलीवरी वाले तांबे की कीमत में 1.9 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इसकी कीमत प्रति टन 6,625 डॉलर रही है जो दिसंबर 2007 के बाद की सबसे कम कीमत है। सिंगापुर में  3.47 बजे इस करार की कीमत 6,631 डॉलर रही।

कल की 1.8 प्रतिशत की गिरावट आज भी देखने को मिली। शांघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज पर दिसंबर डिलीवरी वाले तांबे के मूल्य में 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 52,000 युआन प्रति टन पर बंद हुआ। फरवरी 2007 के बाद इस सर्वाधिक सक्रिय अनुबंध की यह सबसे कम कीमत रही।

पिछले सप्ताह शांघाई के तांबा भंडार में 29 प्रतिशत की कमी आई है। आयात में कमी और घरेलू उत्पादन कम होने से तांबे की यह आपूर्ति घटी है।
तमाम जानकार बता रहे हैं कि ‘ग्रेट डिप्रेशन’ के बाद अमेरिकी आवास संकट और इसके परिणामस्वरूप आए वैश्विक ऋण संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आई है।

यही वजह है कि इस सप्ताह कच्चे माल और इक्विटी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस सप्ताह लीमन ब्रदर्स होल्डिंग्स इंक ने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दिया है। अमेरिकी सरकार ने अमेरिका इंटरनेशनल ग्रुप इंक में बड़े हिस्से का अधिग्रहण किया है। जिया ने कहा कि कमजोर आर्थिक संकेत मददगार नहीं हैं।

First Published - September 18, 2008 | 10:33 PM IST

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