facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

दक्षिणी राज्यों को भेजे जाएंगे बंगाल के आलू

Last Updated- December 07, 2022 | 11:40 AM IST

पश्चिम बंगाल में इस साल आलू की अधिक आपूर्ति हो रही है। इसे देखते हुए वेस्ट बंगाल कोल्ड स्टोरेज असोसिएशन ने भारतीय रेल से विशेष छूट की गुजारिश की है ताकि थोक में आलू को दक्षिणी भारत तक पहुंचाया जा सके।


असोसिएशन के प्रेजिडेंट पतित पावन डे ने कोलकाता में कहा कि दक्षिणी राज्यों तक आलू पहुंचाने के लिए रेलवे को 40 वैगन की जगह 20 वैगन वाली रेक उपलब्ध कराना चाहिए। असोसिएशन द्वारा रेलवे के सामने रखी गई कुछ अन्य मांगों में लंबी दूरी के मामले में री-बुकिंग को समाप्त किया जाना और बुकिंग दर पर विशेष छूट की दरें शामिल हैं।

कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन कई जगहों पर लदान की सुविधा के साथ-साथ और 800 किलोमीटर के दायरे में माल को उतारने की सुविधा चाहता है। उल्लेखनीय है कि फिलहाल 300 किलो मीटर के दायरे में माल उतारने की सुविधा है, इसके बाद री-बुकिंग करवानी होती है।

डे ने कहा कि इसके  अलावा 64 टन क्षमता वाले वैगन में केवल 40 टन आलू के लदाई की अनुमति है और प्रभार भी 40 टन के लगाए जाते हैं। इस साल पश्चिम बंगाल में 88 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ है जो पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल 70 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ था। आलू की स्थानीय जरुरत 40 लाख  टन की है।

कुल आलू के स्टॉक का लगभग 80 प्रतिशत राज्य के 370 कोल्ड स्टोरेज में पहुंचा दिया गया है। डे के अनुसार प्रति क्विंटल उत्पादन की लागत 300 रुपये आती है। कोल्ड स्टोरेज में पहुंचाए गए आलू के बदले इस वर्ष किसानों को 150 रुपये प्रति क्विंटल से कम मिल रहे हैं।  इस कारोबार से जुड़े लोगों, जिसमें किसान भी शामिल हैं, का कुल घाटा एसोसिएशन के मुताबिक 770 करोड़ रुपये का है। इस महीने आलू के कारोबारियों के एक अनुभाग ने हड़ताल पर जाने और कोलकाता में सड़क जाम करने की धमकी दी है।

First Published - July 15, 2008 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट