facebookmetapixel
Advertisement
E20 फ्यूल से गाड़ी का इंजन खराब होगा और माइलेज कम मिलेगा? इस मुद्दे पर ऑटो दिग्गजों ने रखा अपना पक्षकिसानों को बड़ी राहत! सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद कीमत 13.3% बढ़ाई, अब मिलेगा यह नया भावक्या कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी आपको हॉस्पिटल को देना पड़ा पैसा? एक्सपर्ट से जानिए इसकी असली वजहDividend Stocks: अगले हफ्ते एक्सिस बैंक, टाटा, JSW समेत 45 कंपनियां बाटेंगी बंपर मुनाफा, नोट करें रिकॉर्ड डेटटेलीग्राम पर सरकार का सख्त, फिल्मों-वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटममुफ्त शेयरों की बरसात! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटशेयर बाजार में धमाका: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं 1 के बदले 10 शेयर, नोट कर लें तारीख!यूपी सरकार ने FY27 के लिए तय किया ₹71,278 करोड़ का भारी-भरकम आबकारी लक्ष्य, पहले तीन महीने में रिकॉर्ड कमाईअब उत्तर प्रदेश से सीधे विदेश जाएगा आम, हॉट वेपर ट्रीटमेंट की व्यवस्था राज्य में ही करने जा रही योगी सरकारउत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोल इंडिया और UPRVUNL के बीच हुआ बड़ा समझौता

Arhar price: सरकार की सख्ती के बावजूद बढ़ रहे हैं अरहर के भाव

Advertisement
Last Updated- June 01, 2023 | 4:39 PM IST
Arhar Dal

सरकार की सख्ती के बावजूद अरहर (Arhar price) की कीमतों पर अंकुश नहीं लग रहा है, बल्कि इसके दाम बढ़ रहे हैं। बीते 15 दिनों के दौरान अरहर के थोक भाव 800 से 1000 रुपये क्विंटल बढ़ चुके हैं। थोक कीमतें बढ़ने से खुदरा बाजार में अरहर दाल भी महंगी हुई है।

अरहर की कीमतों में तेजी की वजह मांग की तुलना में आपूर्ति कम होना है क्योंकि अरहर का उत्पादन कम है। आयात भी घरेलू कीमतों से महंगा पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 में अरहर उत्पादन 34.2 लाख टन रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2021-22 के उत्पादन 42.2 लाख टन से करीब 19 फीसदी कम है। देश में अरहर की खपत करीब 45 लाख टन है।

15 दिनों में 800 से 1000 रुपये तक महंगी हुई अरहर

महाराष्ट्र की लातूर मंडी के दलहन कारोबारी ललित भाई शाह ने बताया कि अरहर की उपलब्धता देश में इस साल कम है। इसलिए अरहर और अरहर दाल के दाम बढ़ रहे हैं। बीते 15 दिनों के दौरान लातूर मंडी में अरहर के दाम 800 रुपये बढ़कर 9,800 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं, जबकि दाल के भाव भी बढ़कर 13,000 रुपये क्विंटल पार कर चुके हैं।

शाह कहते हैं कि अरहर की नई फसल आने में अभी 6 महीने है। इसका आयात घरेलू कीमतों से महंगा पड रहा है। ऐसे में सरकार को दाल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए महंगी दरों पर आयात कर इसे सस्ते भाव पर देश में बेचना चाहिए। तभी कीमतों पर अंकुश लग सकता है।

कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल ने कहा कि अरहर का उत्पादन पहले से ही कम होने के बीच मानसून में देरी के कारण आगामी नई फसल को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अरहर की आवक कम होने से इसके भाव बढ रहे हैं। इस साल मई महीने में करीब 91 हजार टन अरहर की आवक हुई, जो पिछले साल मई महीने की आवक करीब 1.17 लाख टन से 22 फीसदी कम है।

अरहर की बेंचमार्क मंडी अकोला में 15 दिन पहले जो अरहर 9,300 रुपये बिक रही थी, वह अब बढ़कर 10,350 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। अरहर दाल के भाव भी इस दौरान अकोला मंडी में 11,900 रुपये से बढ़कर 13,200 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं।

थोक भाव बढ़ने से खुदरा बाजार में भी महंगी हुई अरहर दाल

मंडियों में अरहर व अरहर दाल के भाव बढ़ने का असर इसकी खुदरा कीमतों पर भी पड़ रहा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक महीने भर में अरहर दाल की औसम खुदरा कीमत 116.68 रुपये से बढ़कर 121.93 रुपये किलो हो गई है।

इस दौरान दिल्ली में यह कीमत 130 रुपये से बढ़कर 137 रुपये, मुंबई में 137 रुपये से बढ़कर 141 रुपये और भोपाल में 120 रुपये से बढ़कर 128 रुपये प्रति किलो हो गई है।

Advertisement
First Published - June 1, 2023 | 4:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement