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लेखक : सुब्रत पांडा

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, विशेष

नोटबंदी के प्रभाव का आकलन

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को यह फैसला दिया कि नोटबंदी अतार्किक नहीं थी। यह ‘आनुपातिकता के परीक्षण’ पर खरी उतरती है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने 8 नवंबर, 2016 की आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार देने के सरकार के फैसले के प्रभाव का विश्लेषण किया। साल 2017-18 और 2021-22 के […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

NPA 10 साल में सबसे कम

सितंबर 2022 में बैंकों के शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA)  और शुद्ध आवंटन अनुपात में कमी आई है। मुनाफा बढ़ने से बैंकों को एनपीए के लिए प्रावधान बढ़ाने में मदद मिली है। इस वजह से आलोच्य अवधि में यह अनुपात कम होकर 1.3 प्रतिशत रह गया, जो 10 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। भारतीय रिजर्व […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बैंक धोखाधड़ी के तौर-तरीके डिजिटल लेनदेन में बदल गए

2021-22 के दौरान धोखाधड़ी की औसत राशि, धोखाधड़ी में शामिल कुल राशि को धोखाधड़ी की संख्या से विभाजित करने के रूप में परिभाषित की गई जिसमें काफी कमी आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रुझान एवं प्रगति रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान शामिल कुल राशि भी कम हो […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

सामान्य एवं स्वास्थ बीमा कारोबार में उतरेगी एलआईसी!

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) सामान्य एवं स्वास्थ्य बीमा कारोबार में उतरने का मन बना रही है। इसकी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि एलआईसी के पास सामान्य और स्वास्थ्य बीमा कारोबार में उतरने के लिए सभी संसाधन हैं। सूत्र ने कहा कि एलआईसी जीवन, सामान्य और स्वास्थ्य बीमा तीनों […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

परिसमापन मूल्य की 201 प्रतिशत वसूली

दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत सौंपी गई दबाव वाली इकाइयों का मूल्यांकन पहले ही बहुत खराब हो चुका है, ऐसे में स्वीकार किए गए दावों के साथ वास्तविक मूल्य की तुलना करना संभवतः समाधान प्रक्रिया की प्रभावशीलता का उचित संकेतक नहीं हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2021-22 की अपनी […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बढ़ती उधारी लागत से खबरदार

गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने महामारी का सामना बेहतर तरीके से किया है और इससे उनके मुनाफे में सुधार हुआ है, लेकिन उन्हें उधारी की बढ़ती लागत से सचेत रहने की जरूरत है। महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की सख्ती के कदमों के कारण इस समय उधारी की […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

त्योहार खत्म, क्रेडिट कार्ड से खर्च कम

त्योहारों का मौसम खत्म होने के कगार पर है। उपभोग गतिविधियों में भी मंदी आई है। इस कारण नवंबर में क्रेडिट कार्ड से खर्च 11 फीसदी कम होकर 1.15 लाख करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, यह लगातार नौवें महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़े दर्शाते […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

RuPay Credit Card: मार्च तक आ सकता है तीन प्रमुख बैंकों का रुपे क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) जारी करने वाले देश के दिग्गज SBI कार्ड, ICICI बैंक और Axis बैंक मार्च तक ‘UPI फीचर वाले रुपे क्रेडिट कार्ड’ (RuPay Credit Card) जारी कर सकते हैं। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि इस सुविधा से रोजाना लेनदेन का मूल्य मौजूदा 50 लाख रुपये रोजाना से बढ़ने […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

तय सीमा से ज्यादा खर्च किया कुछ ने

वित्त वर्ष 2022 के दौरान जीवन बीमा और गैर जीवन बीमा दोनों क्षेत्रों की कुछ बीमा कंपनियों ने बीमा नियामक के 2016 के दिशानिर्देशों में तय प्रबंधन की सीमा से अधिक व्यय किया है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की ओर से 2021-22 के लिए जारी सालाना रिपोर्ट में यह सामने आया है। […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा, विशेष

‘बीमा वाहक‌’ की अवधारणा पर हो रहा विचार

देश में ऐसे लोगों की बड़ी तादाद है जो वित्तीय मदद और बीमा की सुविधाओं से वंचित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में कई तरह के बदलाव लाए जाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय बीमा नियामक विकास प्रा​धिकरण (आईआरडीएआई) के सदस्य (वित्त एवं निवेश) राकेश जोशी का कहना […]

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