देश के श्रम कानूनों को मिले पुरातन समझौतों से मुक्ति
कर्नाटक ने वर्ष 2023 में जब अपने कारखाना अधिनियम में संशोधन कर स्वीकृत कारखाना श्रमिकों के लिए 12 घंटे की शिफ्ट की अनुमति दी तब ट्रेड यूनियनों ने जिनेवा स्थित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में तर्क दिया गया कि यह बदलाव भारत की उस प्रतिबद्धता का उल्लंघन करता है जो […]
श्रम सुधार कानून की दिशा सही लेकिन राह अब भी लंबी
बात 1970 और 80 के दशक की है जब मुंबई में चेतावनी की इबारत कालिख से लिखी गई थी। जिन मिलों और कारखानों ने कभी शहर को ताकत दी थी, वे या तो बंद थे या उन्हें बीमार घोषित कर दिया गया था। भारत की औद्योगिक लाइसेंसिंग व्यवस्था ने ऐसे हालात पैदा कर दिए कि […]

