इंडियन सोसायटी ऑफ एग्रीनामी के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा, दुनिया मंे बढ़ती आबादी और सीमित संसाधनांे की चुनौतियांे के बीच भारत को फसल उत्पादकता सुधारने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। हमंे देखना होगा कि किस प्रकार से जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिम के बीच हम लोगांे का पेट भर सकते हैं।
उन्हांंेने कहा कि पांच दिन के सम्मेलन मंे जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन, फसलांे के विविधीकरण, मिट्टी की घटती उर्वरता तथा किसानांे की आय मंे सुधार के उपायांे पर विचार किया जाएगा।