भारत की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड राजस्थान में बन रहे माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की चार बिजली इकाइयों में से कम से कम दो बिजली इकाइयों के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) निविदा कुछ दिनों में जारी करने वाली है।
कंपनी प्रबंधन ने विश्लेषकों से बातचीत में बताया कि टर्बाइन जेनरेटर के लिए मार्च 2027 से पहले ईपीसी निविदा जारी होगी। उनका कहना है कि परमाणु संयंत्र के मुख्य भाग के लिए निविदा सूचना 15 जून 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद 30 मार्च 2027 तक टर्बाइन जेनरेटर (टीजी) से जुड़े कार्यों के लिए अलग निविदा निकाली जाएगी। कंपनी का लक्ष्य निर्माण कार्य के लिए पहली नींव अगस्त 2027 में रखना है। परियोजना की पहली इकाई को नवंबर 2032 तक बिजली ग्रिड से जोड़ने की योजना है।
इस परियोजना पर अणुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (अश्विनी) काम कर रही है जो एनटीपीसी और भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) का संयुक्त उपक्रम है। परियोजना को पर्यावरण और वन संबंधी सभी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं। पहली दो इकाइयों के लिए खुदाई का काम भी आवंटित किया जा चुका है। परियोजना के लिए डिजाइन सलाहकार भी नियुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने माही बांसवाड़ा परियोजना की पहली दो इकाइयों के लिए खुदाई की अनुमति भी दे दी है।
जनवरी 2026 में दोनों साझेदार कंपनियों ने संयुक्त उपक्रम के तहत अश्विनी में 800 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई थी। माही-बांसवाड़ा परियोजना में 700 मेगावॉट की 4 इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इस प्रकार कुल उत्पादन क्षमता 2.8 गीगावॉट होगी। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार लगभग 2,770 मेगावॉट की बिजली क्षमता के लिए राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश ने खरीद की सहमति दे दी है।
एनटीपीसी अपनी सहायक कंपनी एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड के माध्यम से देश के कई राज्यों में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए देशभर में लगभग 30 संभावित स्थानों का जायजा लिया जा रहा है। कंपनी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के साथ समझौता किया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी अध्ययन पूरा होने के बाद सहमति दे दी है। कुछ स्थानों पर पानी की उपलब्धता की भी पुष्टि हो चुकी है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सरकारों ने शुरुआती अध्ययन प्रक्रिया की अनुमति दे दी है। एनटीपीसी 14 राज्यों में कम से कम 700 मेगावॉट की दो परमाणु इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रही है। एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने पहले बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया था कि कंपनी के अनुसार परमाणु बिजली क्षमता स्थापित करने की लागत लगभग 20 करोड़ रुपये प्रति मेगावॉट आएगी। कंपनी इस परियोजना को 2032 तक शुरू करने के लिए अगले छह वर्षों में लगभग 28,000 करोड़ रुपये खर्च कर सकती है।