facebookmetapixel
Advertisement
रामकृष्ण फोर्जिंग्स को विदेशों से बड़ा भरोसा! FY27 में निर्यात 35% तक पहुंचाने का लक्ष्य, यूरोप-अमेरिका से बढ़े ऑर्डर2 नई SUV बदलेंगी Hyundai की किस्मत? कंपनी ने FY27 के लिए बनाया बड़ा प्लानअब AI तय करेगा क्या बिकेगा और कितना बिकेगा! Target ने बदली रिटेल की पूरी रणनीतिट्रंप के यू-टर्न से टूटा कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट 4% से ज्यादा और WTI 5% से ज्यादा लुढ़काStock Market Today: GIFT Nifty में 100 से ज्यादा अंकों की तेजी के संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट; कच्चा तेल करीब 5% फिसलामहिंद्रा की इलेक्ट्रिक SUV ने पलटी बाजी! घाटे से निकलकर पहली तिमाही में ₹288 करोड़ के मुनाफे से किया बड़ा धमाकाStocks To Watch Today: SEBI की बड़ी कार्रवाई, USFDA से मंजूरी और करोड़ों के ऑर्डर… आज इन शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरकेसरिया जर्सी पर विवाद, भारतीय हॉकी की नीली पहचान पर बहसट्रंप का दावा: युद्ध खत्म करने के समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल हमले टलेयुवाओं पर पीएम मोदी का फोकस, नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत लाखों युवाओं को दिलाई नशा विरोधी शपथ

2030 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 150 अरब डॉलर! AI और डेटा सेंटर देंगे सबसे बड़ा बूस्ट

Advertisement

सरकार का अनुमान है कि AI, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के दम पर 2030 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 150 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

Last Updated- August 03, 2026 | 8:45 AM IST
India Semiconductor
Representative image

भारत में सेमीकंडक्टर की मांग के अनुमान में बड़ा बदलाव किया गया है। अब साल 2030 तक यह मांग 150 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह पिछले साल जनवरी में लगाए गए अनुमान की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह अनुमान जताया है।

मंत्रालय को यह भी उम्मीद है कि देश में सेमीकंडक्टरों की कुल जरूरत का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा देश की एक फैब और उन 13 ओएसएटी/एटीएमपी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली ऐंड टेस्ट/असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग ऐंड , पैकेजिंग) कंपनियों द्वारा पूरा किया जाएगा, जो सेमीकंडक्टर योजना के तहत प्रोत्साहन ले रही हैं। ये सभी कंपनियां साल 2030 तक पूरी तरह चालू हो जाएंगी। इनमें से तीन कंपनियां – माइक्रोन, काइन्स और सीजी पावर पहले ही उत्पादन शुरू कर चुकी हैं।

जनवरी 2025 में इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने साल 2030 में सेमीकंडक्टर की मांग 103.4 अरब डॉलर आंकी थी। आईईएसए अब एसईएमआई यानी सेमी के साथ जुड़ गया है, जो दुनिया भर के 4,000 सदस्यों की वैश्विक संस्था है। साल 2026 में भारत की सेमीकंडक्टर उत्पादों की वार्षिक मांग लगभग 64 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने मांग में इस भारी वृद्धि का कारण बताते हुए कहा, ‘हम भारत में सेमीकंडक्टर की मांग सालाना 150 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के जरिये इलेक्ट्रॉनिक और पुर्जों पर बड़ा जोर दिया जा रहा है, जिसके 500 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। लिहाजा, इससे और अधिक तथा विभिन्न प्रकार की चिपों की आवश्यकता बढ़ेगी। एआई की मांग भी है क्योंकि देश में बड़े डेटा सेंटर बन रहे हैं, जिससे सेमीकंडक्टर चिपों में भारी वृद्धि होगी।’

Advertisement
First Published - August 3, 2026 | 8:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement