पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में गैस आपूर्ति को विनियमित करने के सरकारी निर्देश के बाद देश की सबसे बड़ी सिटी गैस वितरक कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने अपने वाणिज्यिक और औद्योगिक (सीऐंडआई) ग्राहकों को निर्धारित सीमा के भीतर गैस लेने की सलाह दी है।
बुधवार को जारी एक परामर्श में कंपनी ने कहा कि अपस्ट्रीम आपूर्तिकर्ता गेल से मिली जानकारी के अनुसार सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों को आपूर्ति पिछले 6 महीनों की उनकी औसत खपत के 80 प्रतिशत तक सीमित की जा रही है, जो 11 मार्च को सुबह 6 बजे से प्रभावी है। इसमें कहा गया है कि यह परामर्श सरकार की 9 मार्च की गजट अधिसूचना के अनुरूप है। ग्राहकों से अनुरोध किया जाता है कि वे 80 प्रतिशत के भीतर गैस का इस्तेमाल बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करें।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) की आवक में बाधा आने और प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं द्वारा फोर्स मेजर क्लॉज लागू करने के चलते सरकार ने 9 मार्च को अर्थव्यवस्था के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस भेजने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर दिया है।
प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 में कहा गया था कि 4 क्षेत्रों को आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी, जिसे पिछले 6 महीनों की उनकी औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत पर बनाए रखा जाएगा। इसमें घरेलू पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी), परिवहन के लिए कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी), लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) उत्पादन और पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन तथा अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन जरूरतें शामिल हैं।
दूसरी प्राथमिकता उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करना है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें पिछले 6 महीनों की औसत गैस खपत का 70 प्रतिशत मिले। तीसरी प्राथमिकता वाले क्षेत्र में चाय उद्योग, विनिर्माण और नैशनल गैस ग्रिड के माध्यम से आपूर्ति पाने वाले अन्य औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं, जिनके लिए आपूर्ति को पिछले 6 महीने की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत पर बनाए रखा जाएगा।
प्राथमिकता क्षेत्र-4 के तहत आदेश में कहा गया है, ‘सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाइयां यह सुनिश्चित करेंगी कि उनके नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति पाने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को परिचालन उपलब्धता के मुताबिक पिछले 6 महीने की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत मिले।’
इसमें यह भी कहा गया है कि इस क्षेत्र को गैस आवंटन के लिए पेट्रोलियम प्लानिंग ऐंड एनॉलिसिस सेल (पीपीएसी) द्वारा उद्योग समिति के समन्वय करके वितरण के नियम तय किए जाएंगे।
आईजीएल, गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दिल्ली सरकार की 5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अप्रैल 2025 के अंत में कंपनी के पास 954 सीएनजी स्टेशन, 31 लाख घरेलू पीएनजी कनेक्शन और 12,000 से अधिक वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन थे। पिछले वित्त वर्ष में आईजीएल की 8.9 एमएमएससीएमडी की कुल बिक्री मात्रा में वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत थी।