facebookmetapixel
Trump का बड़ा वार! रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 500% टैरिफ का खतरा?UIDAI ने ‘उदय’ नामक शुभंकर किया पेश, लोगों को आधार के बारे में समझने में होगी आसानीSEBI का बड़ा फैसला: नई इंसेंटिव स्कीम की डेडलाइन बढ़ी, अब 1 मार्च से लागू होंगे नियमSEBI ने बदले 30 साल पुराने स्टॉकब्रोकरों के नियमों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावाRegular vs Direct Mutual Funds: देखें छिपा कमीशन कैसे 10 साल में निवेशकों की 25% वेल्थ खा गयाJioBlackRock MF ने लॉन्च किए 2 नए डेट फंड, ₹500 से SIP शुरू; इन फंड्स में क्या है खास?Titan Share: ऑल टाइम हाई पर टाटा का जूलरी स्टॉक, अब आगे क्या करें निवेशक; जानें ब्रोकरेज की रायQ3 नतीजों से पहले चुनिंदा शेयरों की लिस्ट तैयार: Airtel से HCL Tech तक, ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकBudget 2026: बजट से पहले सुस्त रहा है बाजार, इस बार बदलेगी कहानी; निवेशक किन सेक्टर्स पर रखें नजर?LIC के शेयर में गिरावट का संकेत! डेली चार्ट पर बना ‘डेथ क्रॉस’

हिंदुस्तान जिंक में हिस्सा लेगी वेदांत!

Last Updated- March 08, 2023 | 10:28 AM IST
vedanta share price

वेदांत समूह हिंदुस्तान जिंक में 6 फीसदी हिस्सेदारी और खरीदने की योजना बना रही है। अभी हिंदुस्तान जिंक में उसकी 64.9 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार हिंदुस्तान जिंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। हिंदुस्तान जिंक में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने पर अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांत को करीब 7,900 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। सौदा हुआ तो कंपनी पर सरकार का विशेष अधिकार नहीं रहेगा।

फिलहाल हिंदुस्तान जिंक में सरकार की हिस्सेदारी 29.5 फीसदी है। वेदांत के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में एक समाचार चैनल पर बताया था कि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिये हिंदुस्तान जिंक में 15 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना है। बैंकिंग सूत्रों ने बताया कि वेदांत 1 अरब डॉलर जुटाने के लिए तीन विदेशी बैंकों के साथ बात कर रही है और इस रकम का उपयोग वह हिंदुस्तान जिंक में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने में करेगी।

इस साल 3 फरवरी को निवेश एवं लोक संपत्ति विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा था कि सरकार हिंदुस्तान जिंक में अपनी बाकी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा मार्च अंत तक बेच सकती है। इससे सरकार को चालू वित्त वर्ष में 50,000 करोड़ रुपये का संशोधित विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। शुक्रवार को बंद शेयर भाव के मुताबिक हिंदुस्तान जिंक में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को करीब 19,755 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने से वेदांत को विदेश में अपना जस्ता कारोबार हिंदुस्तान जिंक के साथ विलय करने की योजना में मदद मिलेगी। हिंदुस्तान जिंक के निदेशक मंडल में सरकार के प्रतिनिधियों ने 17 फरवरी को वेदांत का यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि यह अल्पांश शेयरधारकों के हितों के खिलाफ है।

इस बारे में जानकारी के लिए वेदांत के प्रवक्ता से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

पिछले साल मई में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने हिंदुस्तान जिंक में सरकार के 124 करोड़ शेयर बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

हिंदुस्तान जिंक और वेदांत जिंक का विलय समूह की आने वाली वित्तीय देनदारी पूरी करने के लिहाज से अहम है। 9 फरवरी को एसऐंडपी ने आगाह किया था कि बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध वेदांत की प्रवर्तक कंपनी वेदांत रिसोर्सेस की नकदी इस बात पर निर्भर है कि वह 2 अरब डॉलर जुटा पाती है या नहीं और हिंदुस्तान जिंक के साथ विलय कर पाती है या नहीं।

वेदांत रिसोर्सेस की वेदांत में 70 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी वजह से हिंदुस्तान जिंक में इसका करीब 65 फीसदी स्वामित्व है। बैंकरों का कहना है कि समूह फिलहाल हिंदुस्तान जिंक के सौदे को मार्च बीतने से पहले पूरा करने पर ध्यान दे रहा है मगर सब कुछ सरकार पर निर्भर करता है।

First Published - March 8, 2023 | 10:28 AM IST

संबंधित पोस्ट