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BS7 में दोपहिया वाहनों पर RDE तुरंत लागू करने का विरोध, कंपनियों ने जताई आपत्ति; उपकरणों पर सवाल

आंतरिक चर्चाओं के दौरान प्रमुख दोपहिया विनिर्माताओं ने सड़क पर आरडीई मापने के लिए इस्तेमाल उपकरणों के वजन और सटीकता को लेकर चिंता जताई है

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दीपक पटेल   
Last Updated- August 17, 2026 | 10:02 PM IST

वाहन उद्योग प्रस्तावित बीएस7 उत्सर्जन व्यवस्था के तहत दोपहिया वाहनों के लिए रियल ड्राइविंग एमिशन (आरडीई) माप के मानक तुरंत लागू करने के विरोध की योजना बना रहा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के जरिये ऐसा किया जाएगा। बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी मिली है।

आंतरिक चर्चाओं के दौरान प्रमुख दोपहिया विनिर्माताओं ने सड़क पर आरडीई मापने के लिए इस्तेमाल उपकरणों के वजन और सटीकता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि खुद इन उपकरणों का वजन ही उत्सर्जन को बढ़ा सकता है।

उन्होंने मोटरसाइकलों के लिए विकसित और तैयार ‘आरडीई साइकल’ न होने का भी उल्लेख किया। आरडीई सड़कों पर उत्सर्जन के परीक्षण के लिए उपयोग की जाने वाली गति, वेग और राइडिंग की स्थितियों का निर्धारित पैटर्न है। उन्होंने असल दुनिया के पर्याप्त आंकड़ों की कमी का भी उल्लेख किया।  आरडीई का आशय नियंत्रित प्रयोगशाला परीक्षण के बजाय असल सड़क ड्राइविंग के दौरान वाहन द्वारा उत्सर्जित प्रदूषण की माप से है। फिलहाल देश में 3.5 टन से कम वजन वाले चार पहिया वाहनों पर आरडीई होना जरूरी है। लेकिन दोपहिया वाहनों के लिए दुनिया भर में आरडीई का कोई उदाहरण नहीं है।

अभी भारत में बीएस6 के उत्सर्जन मानक लागू हैं। अब सरकार और वाहन उद्योग के बीच बीएस7 के मानकों पर बातचीत चल रही है। बीएस7 के उत्सर्जन मानक साल 2027 से लागू हो सकते हैं। सायम ने इस विषय में बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

एक दिग्गज दोपहिया विनिर्माता के अ​धिकारी ने कहा, ‘उद्योग का रुख स्थायी रूप से आरडीई के खिलाफ नहीं है। दोपहिया वाहनों के लिए आरडीई के नियम लागू होने से पहले वह मापने वाले सटीक उपकरण और परीक्षण का भरोसेमंद तरीका विकसित करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से और समय मांगेगा।’

इसी वजह से सायम की अंदरूनी चर्चाओं के दौरान दोपहिया विनिर्माताओं ने कहा कि दोपहिया वाहनों के लिए आरडीई को शुरुआत से लागू करने के बजाय बीएस7 के दूसरे चरण में शामिल किया जाना चाहिए। चर्चाओं के दौरान दोपहिया वाहन विनिर्माताओं ने जापान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (जेएएमए) द्वारा मोटरसाइकलों पर मौजूदा पोर्टेबल एमिशन मेजरमेंट सिस्टम (पीईएमएस) प्रौद्योगिकी लागू करने के संबंध में जताई गई चिंताओं पर भी बात की। 

पीईएमएस ऐसा उपकरण है जिसे वाहन में लगाया जाता है ताकि सड़क पर वाहन चलाते समय उससे होने वाले उत्सर्जन को मापा जा सके।

First Published : August 17, 2026 | 9:49 PM IST