facebookmetapixel
Advertisement
शेयर बाजार में मंदी की मार, टॉप-5 कंपनियों के ₹1 लाख करोड़ रुपये स्वाहा; TCS को लगा सबसे बड़ा झटकापश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेटLPG e-KYC की आज आखिरी तारीख, नहीं कराया तो घरेलू रेट पर सिलेंडर मिलने में आएगी दिक्कतदिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ दिनों तक बदला रहेगा मौसम का मिजाजE20 पर फिर सरकार की सफाई: सिर्फ एथेनॉल वाले पेट्रोल से नहीं घटता माइलेज, कई और फैक्टर्स भी शामिलAI नौकरियां छीनेगा या बनाएगा अमीर? ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक कियोसाकी ने युवाओं को दी खास सलाहDividend Stocks: 450% का मोटा डिविडेंड! हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सविदेशी संपत्ति छिपाई है? छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 16 अगस्त से खुलेगा विंडो, CBDT ने किया ऐलानअगले 7-8 साल में देश में शुरू होंगे 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट, हमें चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा: PM1 शेयर पर मिलेगा ₹500 का डिविडेंड! डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार से जुड़ी कंपनी का निवेशकों को बड़ा तोहफा

मेड इन इंडिया GPU का सपना जल्द होगा साकार, अश्विनी वैष्णव ने बताया टाइमलाइन

Advertisement

इंडिया एआई मिशन को 10,000 जीपीयू के शुरुआती लक्ष्य के साथ पेश किया गया था। 10,738 करोड़ रुपये के बजट के साथ इसे पिछले साल मार्च में मंजूरी दी गई थी।

Last Updated- March 07, 2025 | 7:09 AM IST
India fears the US Chips Act may put it in disadvantage

अगले तीन से चार वर्षों में भारत की अपनी ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) होंगी। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।

वैष्णव ने कहा, ‘हम अपने चिपसेट विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा कर रहे हैं। आने वाले तीन से चार वर्षों में हमारे पास दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने खुद के जीपीयू होंगे।’ वैष्णव ने ये बातें इंडिया एआई मिशन का एक साल पूरा होने के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं। कार्यक्रम में सरकार ने जीपीयू पोर्टल और एक गैर व्यक्तिगत डेटा सेट प्लेटफॉर्म- एआई कोष- को भी जारी किया।

वैष्णव ने कहा, ‘आज हमारे पास 15,000 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) की औपचारिक कंप्यूट सुविधा है, जो हमारे तय लक्ष्य से कहीं अधिक है। 4,000 से अधिक जीपीयू पाइपलाइन में हैं और आने वाली तिमाहियों में कई और आएंगे।’ उन्होंने कहा कि 40 फीसदी लाभ मार्जिन मिलने के बाद इन जीपीयू का उपयोग करने की लागत ऐतिहासिक रूप से 100 रुपये प्रति घंटे से भी कम है।

उल्लेखनीय है कि इंडिया एआई मिशन को 10,000 जीपीयू के शुरुआती लक्ष्य के साथ पेश किया गया था। 10,738 करोड़ रुपये के बजट के साथ इसे पिछले साल मार्च में मंजूरी दी गई थी।

Advertisement
First Published - March 6, 2025 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement