facebookmetapixel
Advertisement
RCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुखसंघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पारGold Rate: तेल महंगा होने से सोना 2% फिसला, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोरEditorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ान

मेड इन इंडिया GPU का सपना जल्द होगा साकार, अश्विनी वैष्णव ने बताया टाइमलाइन

Advertisement

इंडिया एआई मिशन को 10,000 जीपीयू के शुरुआती लक्ष्य के साथ पेश किया गया था। 10,738 करोड़ रुपये के बजट के साथ इसे पिछले साल मार्च में मंजूरी दी गई थी।

Last Updated- March 07, 2025 | 7:09 AM IST
India fears the US Chips Act may put it in disadvantage

अगले तीन से चार वर्षों में भारत की अपनी ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) होंगी। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।

वैष्णव ने कहा, ‘हम अपने चिपसेट विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा कर रहे हैं। आने वाले तीन से चार वर्षों में हमारे पास दुनिया के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने खुद के जीपीयू होंगे।’ वैष्णव ने ये बातें इंडिया एआई मिशन का एक साल पूरा होने के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहीं। कार्यक्रम में सरकार ने जीपीयू पोर्टल और एक गैर व्यक्तिगत डेटा सेट प्लेटफॉर्म- एआई कोष- को भी जारी किया।

वैष्णव ने कहा, ‘आज हमारे पास 15,000 ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) की औपचारिक कंप्यूट सुविधा है, जो हमारे तय लक्ष्य से कहीं अधिक है। 4,000 से अधिक जीपीयू पाइपलाइन में हैं और आने वाली तिमाहियों में कई और आएंगे।’ उन्होंने कहा कि 40 फीसदी लाभ मार्जिन मिलने के बाद इन जीपीयू का उपयोग करने की लागत ऐतिहासिक रूप से 100 रुपये प्रति घंटे से भी कम है।

उल्लेखनीय है कि इंडिया एआई मिशन को 10,000 जीपीयू के शुरुआती लक्ष्य के साथ पेश किया गया था। 10,738 करोड़ रुपये के बजट के साथ इसे पिछले साल मार्च में मंजूरी दी गई थी।

Advertisement
First Published - March 6, 2025 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement