भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार अब शुरुआती शौकीनों (अर्ली एडॉप्टर्स) के दायरे से बाहर निकलकर आम ग्राहकों के बीच तेजी से जगह बना रहा है। EV मार्केट में अपनी बादशाहत बरकरार रखने के लिए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 (FY31) तक अपने कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी (इलेक्ट्रिक व्हीकल पेनेट्रेशन) को 30 फीसदी से ज्यादा करने का है। इसके लिए कंपनी आने वाले सालों में 4 नए धांसू इलेक्ट्रिक प्रॉडक्ट्स लॉन्च करेगी और मौजूदा गाड़ियों के 10 से ज्यादा नए अपडेटेड वर्जन (फेसलिफ्ट और रिफ्रेश) बाजार में उतारेगी।
कंपनी के एक इनवेस्टर प्रेजेंटेशन के मुताबिक, भारतीय EV मार्केट में अब तक सिर्फ ‘इनोवेटर्स’ (2.5%) और ‘अर्ली एडॉप्टर्स’ (13.5%) यानी नई टेक्नोलॉजी को सबसे पहले अपनाने वाले लोग ही गाड़ियां खरीद रहे थे। लेकिन अब बाजार के सबसे बड़े हिस्से यानी ‘अर्ली मेजॉरिटी’ (34%) और ‘लेट मेजॉरिटी’ (34%) ने EV में दिलचस्पी दिखाना शुरू कर दिया है। ‘अर्ली मेजॉरिटी’ वाले वो ग्राहक होते हैं जो दूसरों की सफलता देखने के बाद ही भरोसा करते हैं, जबकि ‘लेट मेजॉरिटी’ वाले बेहद सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं।
इसके अलावा 16 फीसदी ‘लैगार्ड्स’ यानी परंपरावादी ग्राहक होते हैं जो सबसे आखिर में बदलाव अपनाते हैं। टाटा मोटर्स का पूरा ध्यान अब इसी आम जनता (मेजॉरिटी ग्राहकों) को अपनी तरफ खींचने पर है।
भविष्य की तैयारियों को लेकर टाटा मोटर्स ने कहा है कि वित्त वर्ष 2031 तक उनके पास कुल 10 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का मजबूत पोर्टफोलियो होगा। मौजूदा समय में कंपनी के पास Xpres-T, Curvv.ev, Harrier.ev, Nexon.ev, Punch.ev और Tiago.ev जैसी 6 गाड़ियां हैं।
आने वाले समय में कंपनी जो 4 नई गाड़ियां लाने वाली है, उनमें बेहद लोकप्रिय रही ‘सिएरा.इवी’ (Sierra.ev) शामिल है।
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इसके अलावा एक गाड़ी कंपनी के ‘अविन्या’ (Avinya) कॉन्सेप्ट पर आधारित होगी, जबकि दो अन्य नए मॉडल भी इस लिस्ट का हिस्सा होंगे। कंपनी समय-समय पर इन गाड़ियों को लॉन्च करेगी ताकि बाजार में उसकी पकड़ ढीली न पड़े।
ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता रेंज और चार्जिंग को लेकर होती है, जिसे दूर करने के लिए टाटा मोटर्स अपनी टेक्नोलॉजी में बड़ा बदलाव करने जा रही है। कंपनी अपनी अगली जनरेशन (थर्ड जनरेशन) की बैटरी पर काम कर रही है, जिसकी क्षमता 75 kWh से ज्यादा होगी।
इस नई तकनीक की मदद से टाटा की आने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ड्राइविंग रेंज मौजूदा गाड़ियों के मुकाबले 2 से 3 गुना तक बढ़ जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, नई बैटरी की बदौलत गाड़ियां पहले से 3 गुना ज्यादा तेजी से चार्ज हो सकेंगी और बैटरियों की एनर्जी डेंसिटी में भी 20 से 23 फीसदी तक का सुधार देखने को मिलेगा।
(PTI के इनपुट के साथ)