भारत में घरेलू यात्री वाहनों (पीवी) की थोक बिक्री फरवरी में एक साल पहले के मुकाबले 11.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4,25,000 वाहन हो गई। स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) की लगातार मांग और पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में बदलाव से वाहन बिक्री को मदद मिली है।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड ने लगभग 1,61,000 वाहनों के साथ गाड़ियों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर मामूली वृद्धि दर्ज की, क्योंकि उसने ग्राहकों की प्रतीक्षा अवधि को नियंत्रित रखने के लिए मॉडलों के उत्पादन को संतुलित किया।
मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्याधिकारी (विपणन और बिक्री) पार्थो बनर्जी ने एक वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कंपनी ने मासिक आधार पर अपने उत्पादन मिश्रण को समायोजित किया। दिसंबर में ऑल्टो जैसे मिनी मॉडल, जनवरी में वैगन आर जैसी कॉम्पैक्ट कारों और फरवरी में यूटिलिटी वाहनों के उत्पादन में बदलाव किया, ताकि बैकलॉग बढ़े बिना मांग को पूरा किया जा सके। परिणामस्वरूप, फरवरी के अंत में औसत प्रतीक्षा अवधि लगभग 12 दिन रह गई।
हालांकि रिटेल बिक्री मजबूत बनी रही। मारुति सुजूकी की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी बढ़कर 1,51,000 वाहन हो गई, जिससे मजबूत मांग का संकेत मिलता है। एमएसआईएल के कलपुर्जा आयात और ऑटोमोबाइल निर्यात पर पश्चिम एशिया के ताजा संघर्ष के असर के बारे में पूछे जाने पर एमएसआईएल के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने कहा, ‘हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। हालांकि, निर्यात क्षेत्र के रूप में पश्चिम एशिया में हमारी बहुत बिक्री नहीं है। उदाहरण के लिए, इस वर्ष यह हमारे कुल निर्यात का लगभग 12.5 प्रतिशत है।’
उन्होंने कहा, ‘दरअसल हम लगभग 100 देशों को निर्यात करते हैं। इसलिए हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारा पोर्टफोलियो अच्छी तरह से विविध और स्वाभाविक रूप से जोखिम-मुक्त रहे। ऐसे समय में ही नेतृत्त्व की गहराई का वास्तव में पता चलता है। हम न केवल निर्यात बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन्हें व्यापक आधार पर विस्तारित भी कर रहे हैं जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हम साथ-साथ जोखिम-मुक्त भी बने रहें।’
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने फरवरी में घरेलू थोक बिक्री में 34.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की और यह 62,329 वाहन रही और मारुति के बाद वह देश में दूसरी सबसे बड़ी पीवी विक्रेता बनी रही। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की घरेलू थोक बिक्री सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 60,018 वाहन हो गई, जिसे इसके यूटिलिटी व्हीकल पोर्टफोलियो से लगातार मदद मिली। फरवरी में ह्युंडै की घरेलू थोक बिक्री सालाना आधार पर 9.8 प्रतिशत बढ़कर 52,407 वाहन हो गई।
फरवरी में दोपहिया विनिर्माताओं ने पीवी सेगमेंट को पछाड़ दिया और न्यून आधार की मदद से सालाना आधार पर तेज वृद्धि दर्ज की। देश के सबसे बड़े दोपहिया वाहन निर्माता हीरो मोटोकॉर्प ने घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर 44.7 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की और यह 357,296 वाहन रही। टीवीएस मोटर कंपनी के लिए घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़कर 3,65,471 वाहन हो गई, जो एक साल पहले 2,76,072 थी।