मारुति सुजूकी इंडिया के निदेशक मंडल ने गुजरात के खोरज में नए विनिर्माण संयंत्र के पहले चरण को मंजूरी दे दी है। इस चरण में साल 2029 तक 10,189 करोड़ रुपये की लागत से सालाना 2,50,000 वाहन क्षमता स्थापित की जाएगी। कंपनी ने मंगलवार को यह ऐलान किया।
गुरुग्राम, मानेसर, खरखोदा और हंसलपुर में स्थित संयंत्रों के बाद खोरज का यह आगामी संयंत्र मारुति की पांचवीं इकाई होगी। कंपनी ने कहा कि मौजूदा चार संयंत्र सालाना 26 लाख वाहनों का विनिर्माण कर सकते और उनकी क्षमता का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है।’
बीएसई को दी गई सूचना में मारुति ने बताया कि 10,189 करोड़ रुपये के निवेश का उपयोग खोरज संयंत्र के पहले चरण की स्थापना के साथ-साथ भविष्य के संयंत्रों के लिए कुछ ‘साझा बुनियादी ढांचे और इकाइयों’ के लिए किया जाएगा।
देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी ने जनवरी 2024 में घोषणा की थी कि वह गुजरात में नया कार विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 लाख वाहन और निवेश लागत लगभग 35,000 करोड़ रुपये होगी। जनवरी 2025 में मारुति ने कहा कि उसने यह संयंत्र स्थापित करने के लिए गुजरात के गांधीनगर में खोरज औद्योगिक एस्टेट को अंतिम रूप दे दिया है।
मारुति वाहन बाजार के भविष्य के विस्तार की तैयारी के लिए साल 2030-31 तक देश में लगभग 40 लाख वाहन उत्पादन क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है। मारुति वर्तमान में गुजरात के हंसलपुर संयंत्र में 3,200 करोड़ रुपये की लागत से नई उत्पादन लाइन भी स्थापित कर रही है, ताकि उससकी विनिर्माण क्षमता 7,50,000 से बढ़ाकर 10 लाख की जा सके। नई लाइन साल 2026-27 से चालू हो जाएगी। कंपनी हंसलपुर में लगभग 7,300 करोड़ रुपये के निवेश से बैटरी विनिर्माण संयंत्र भी स्थापित कर रही है।