फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़े के अनुसार जून 2026 में पहली बार भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार की हिस्सेदारी कुल वाहन रिटेल बिक्री में 12 प्रतिशत से ज्यादा रही।
ऐसा सभी सेगमेंट में मजबूत मांग के कारण हुआ। इलेक्ट्रिक दोपहिया की बाजार हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत (दो अंक) तक पहुंच गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि आम लोगों के बीच इन्हें अपनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, जून में ईवी की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर लगभग 63 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 306,220 वाहन तक पहुंच गई, जो फाडा द्वारा दर्ज किया गया अब तक का सबसे ज्यादा मासिक ईवी रिटेल बिक्री का आंकड़ा है।
इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों और इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक गाड़ियों की मासिक रिटेल बिक्री भी क्रमशः 31,823 और 3,214 वाहनों के साथ अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर रही, जबकि इलेक्ट्रिक तिपहिया 77,448 वाहनों के आंकड़े और 64 प्रतिशत से ज्यादा पैठ के साथ अपना दबदबा बनाए हुए हैं।
टीवीएस मोटर कंपनी ने जून में 47,064 वाहनों की बिक्री के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया रिटेल बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा, जो एक साल पहले के मुकाबले 76.05 प्रतिशत ज्यादा है। इसके बाद बजाज ऑटो का नंबर रहा, जिसने 43,306 वाहन बेचे और 80.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जबकि एथर एनर्जी ने अपनी रिटेल बिक्री को लगभग दोगुना करके 31,230 वाहनों तक पहुंचाया, जो 95 प्रतिशत की वृद्धि है।
हीरो मोटोकॉर्प सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख कंपनी बनकर उभरी है। इसके इलेक्ट्रिक दोपहिया की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 175.51 प्रतिशत बढ़कर 21,820 वाहन हो गई। इसके उलट, ओला इलेक्ट्रिक की स्थिति कमजोर होती दिखी और इस महीने उसकी रिटेल बिक्री 21.97 फीसदी घटकर 16,150 वाहन रह गई।
प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, फाडा के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर ने कहा कि जून का महीना भारत में मोबिलिटी संबंधित बदलाव के लिहाज से एक अहम महीना रहा, जिसमें किसी एक कैटेगरी तक सीमित रहने के बजाय सभी ईवी सेगमेंटों में वृद्धि देखी गई। उन्होंने कहा कि उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि बेहतर किफायत, बढ़ते चार्जिंग इकोसिस्टम और उत्पाद के ज्यादा विकल्पों की वजह से विद्युतीकरण अब मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।