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भारतीय डीपटेक सेक्टर में बढ़ेंगे विलय और अधिग्रहण के सौदे, निवेशकों को बड़ी निकासी की उम्मीद

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भारत के डीपटेक क्षेत्र में रणनीतिक विलय और अधिग्रहण बढ़ने की संभावना है। वैश्विक कंपनियां तकनीक और टैलेंट हासिल करने के लिए भारतीय स्टार्टअप्स को खरीदने को प्राथमिकता देंगी

Last Updated- March 27, 2026 | 10:08 PM IST
artificial intelligence (AI)
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, रक्षा और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में बौद्धिक संपदा (आईपी) आधारित और डीपटेक स्टार्टअप कंपनियों को समर्थन देने वाले वेंचर कैपिटल (वीसी) निवेशकों का अनुमान है कि भारत के डीपटेक क्षेत्र में रणनीतिक विलय और अधिग्रहण (एमऐंडए) सौदे निवेश से बाहर निकलने के अवसरों पर केंद्रित रहेंगे। इसके बाद घरेलू सार्वजनिक लिस्टिंग और सेकंडरी ट्रांजेक्शन होंगे।

ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार 2025 में 15 एमऐंडए सौदे हुए, जो 2024 के मुकाबले महज पांच अधिक है। निवेशकों का कहना है कि जहां एक ओर देश का डीपटेक इकोसिस्टम अभी भी विकसित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक कंपनियां और औद्योगिक दिग्गज मालिकाना तकनीक और टैलेंट हासिल करने के लिए ‘खुद बनाने के बजाय खरीदने’ की रणनीति अपना रहे हैं।

ऑल इन कैपिटल के संस्थापक और पार्टनर कुशल भागिया ने कहा, ‘शुरुआती दौर के निवेशकों के लिए सबसे बड़े एग्जिट (निवेश से बाहर निकलने के मौके) प्रमुख एमऐंडए, खासकर सीमा-पार अधिग्रहण और सेकंडरी बायआउट से मिलने की संभावना है। प्रमुख खरीदार अक्सर मालिकाना तकनीक और इंजीनियरिंग प्रतिभा को बाजार की तुलना में पहले से ही महत्त्व देते हैं।’ भागिया को उम्मीद है कि समय के साथ, जैसे-जैसे इकोसिस्टम परिपक्व होगा, घरेलू आईपीओ ज्यादा व्यावहारिक रास्ता बन जाएंगे।

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इस वीसी फर्म ने अपनी निवेशित पूंजी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा डीपटेक स्टार्टअप्स के लिए आवंटित किया है। ब्लूहिल.वीसी में मैनेजिंग पार्टनर मनु अय्यर का भी मानना है कि बड़े डीपटेक से निकासी विलय और अधिग्रहण के रास्ते से होगी। उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सबसे बड़े डीपटेक एग्जिट मुख्य रूप से एमऐंडए और सीमा-पार अधिग्रहणों के रास्ते होंगे, जिन्हें परिपक्व घरेलू आईपीओ बाजार का समर्थन मिलेगा।’

ब्लूहिल वर्तमान में अपने 350 करोड़ रुपये डीपटेक फंड से निवेश कर रहा है। उसने कई कंपनियों में निवेश किया है। इनमें एथेरियल एक्सप्लोरेशन गिल्ड, जेबू इंटेलिजेंट सिस्टम्स, हेलेक्स बायो, सोफ्रोसाइन टेक्नॉलजीज और ऑप्टोएमएल शामिल हैं।

एक अन्य डीपटेक निवेशक भारत इनोवेशन फंड को भी इसी तरह के एग्जिट मॉडल की उम्मीद है। अय्यर ने कहा कि वैश्विक कंपनियां (मुख्य रूप से एरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, औद्योगिक स्वचालन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में) सक्रिय रूप से विशिष्ट-तकनीकी संपत्तियों की तलाश कर रही हैं।

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First Published - March 27, 2026 | 10:08 PM IST

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