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इलेक्ट्रिफिकेशन से बदलेगा दोपहिया बाजार: बिक्री में स्कूटर होंगे आगे, बाइक पीछे

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ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 25 और 30 के बीच स्कूटरों में सालाना लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो मोटरसाइकलों की बढ़ोतरी से काफी ज्यादा होगी

Last Updated- April 13, 2026 | 11:12 PM IST
electric scooter

देश के दोपहिया बाजार का ढांचा तेजी से बदल रहा है। चूंकि इलेक्ट्रिफिकेशन तेज हो रहा है और ग्राहकों की पसंद बदल रही है, इसलिए अगले दशक के दौरान बिक्री के लिहाज से स्कूटर मोटरसाइकलों से आगे निकल जाएंगे। इस क्षेत्र के बारे में इक्विरस सिक्योरिटीज की हालिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 25 और 30 के बीच स्कूटरों में सालाना लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो मोटरसाइकलों की बढ़ोतरी से काफी ज्यादा होगी। इसी अवधि में मोटरसाइकलों की बिक्री में लगभग 4 प्रतिशत इजाफे का अनुमान है।

ब्रोकरेज ने कहा कि इस अंतर की वजह से वित्त वर्ष 37 के बाद स्कूटरों की बिक्री मोटरसाइकलों से ज्यादा हो जाएगी। इससे दुनिया के सबसे बड़े दोपहिया वाहन बाजार की बनावट में बड़े बुनियादी बदलाव का पता चलता है।

शहरीकरण, श्रमशक्ति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सुविधाजनक परिवहन के प्रति बढ़ते रुझान के कारण यह बदलाव हो रहा है। हालांकि इस बदलाव की सबसे अहम वजह इलेक्ट्रिफिकेशन है यानी ऐसा क्षेत्र जहां स्कूटरों को मोटरसाइकलों की तुलना में साफ बढ़त हासिल है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया के इस उद्योग की सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी बनने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 25 और 30 के बीच इनकी बिक्री लगभग 34 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पैठ मौजूदा एक अंक के निचले स्तर से बढ़कर वित्त वर्ष 30 तक लगभग 19 और वित्त वर्ष 40 तक 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाने की संभावना है।

इस बदलाव में इलेक्ट्रिक स्कूटरों का दबदबा रहने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 30 तक इलेक्ट्रिक स्कूटरों की हिस्सेदारी लगभग 38 प्रतिशत और वित्त वर्ष 40 तक 80 प्रतिशत से ज्यादा होने का अनुमान है। शहरी आवागमन के लिए मॉडलों की बाजार के हिसाब से दमदार उपयोगिता, तेजी से होता इनोवेशन और स्वामित्व की कुल लागत किफायती होने से इनकी हिस्सेदारी बढ़ेगी।

इसके विपरीत इलेक्ट्रिक मोटरसाइकलों को अपनाने की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 30 तक इनकी हिस्सेदारी केवल 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो रेंज की चिंता यानी बैटरी खत्म होने का डर और शुरुआती लागत ज्यादा होने जैसी चुनौतियां दर्शाती है।

उद्योग के अधिकारी भी इस रुझान की पहले ही पुष्टि कर रहे हैं। टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने अगस्त 2025 में कहा था, ‘पिछले दो साल में स्कूटर श्रेणी दूसरी श्रेणियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है। हमारा मानना है कि स्कूटरों की हिस्सेदारी, चाहे वह तेल-गैस इंजन वाले हों या इलेक्ट्रिक, लगातार बढ़ती रहेगी। इस लिहाज से हम लगातार नए मॉडल ला रहे हैं और उन्हें नया बना रहे हैं।’

इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रिफिकेशन का ग्राफ काफी असंतुलित हो गया है। इसमें स्कूटर ही ईवी की दिशा में बढ़ने के मामले में सबसे पसंदीदा वाहन बन गए हैं और समूचे दोपहिया बाजार में उनका बढ़ता हिस्सा और भी मजबूत हो गया है।

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First Published - April 13, 2026 | 11:12 PM IST

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