हैदराबाद की एक विशेष सीबीआई अदालत ने ओबलापुरम माइनिंग कंपनी
सीबीआई के उप कानूनी सलाहकार बी रवींद्रनाथ ने यहां बताया कि अदालत ने राजगोपाल को उनके ससुर के निधन के बाद 15 दिनों की अंतरिम राहत प्रदान की।
उन्होंने प्रेस ट्रस्ट से कहा, इससे पहले उन्हें बीमार ससुर से मिलने जाने के लिए जमानत दी गयी थी लेकिन साथ ही सुरक्षाकर्मी भी भेजे गए थे। इस बार वह बिना सुरक्षाकर्मी के जा सकते हैं। उन्हें चार नवंबर को अदालत में आत्मसमर्पण करना चाहिए।
इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले साल 13 नवंबर को राजगोपाल को गिरफ्तार किया था।
राजगोपाल मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल के दौरान 2004-09 के बीच आंध्र्रप्रदेश खनिज विकास निगम के प्रबंध निदेशक थे। वह खान एवं भूगर्भ विभाग के निदेशक भी रह चुके हैं।
वह ओबलापुरम माइनिंग कंपनी के अवैध खनन में आरोपी है। इस कंपनी के मालिक और कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी तथा प्रबंध निदेशक बी वी श्रीनिवास पहले से ही जेल मंे हैं।