facebookmetapixel
Advertisement
Bajaj Finance Q1FY27 results: मुनाफा 27.4% बढ़कर ₹5,986 करोड़; AUM में 23.9% की बढ़ोतरीVedanta Q1FY27 results: कमजोर रुपये और महंगी धातुओं से मुनाफा 72% उछला, ₹5,473 करोड़ पहुंचाGold Demand: पीएम मोदी की अपील और महंगे सोने का असर, मांग 6% घटी; पर बरकरार रहा निवेशकों का भरोसा5paisa Capital खरीदेगी Trendlyne: ₹207 करोड़ में हुई डील, बनेगा देश का पहला AI-फर्स्ट ब्रोकरM&M Q1 Results: दमदार नतीजों से शेयर में आई तेजी, दिन के निचले स्तर से 4% से ज्यादा उछला स्टॉकआधार, पैन या पासपोर्ट गुम होने पर क्या करें? नया डॉक्यूमेंट पाने का आसान तरीकाJuniper Green Energy IPO: आज से खुला ₹1,800 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP और अन्य डीटेलहोर्मुज छोड़ अब इस रास्ते से तेल भेज रहा सऊदी अरब, क्या है पूरी रणनीति?चीन की अर्थव्यवस्था पर संकट के संकेत? सरकार ने तुरंत बदली स्ट्रैटेजीMP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्म

Wipro Buyback: बायबैक शुरू होते ही टूटा विप्रो का शेयर, 6 साल के निचले स्तर पर पहुंचा

Advertisement

विप्रो का 15,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक 11 जून से शुरू हो गया है। यह 17 जून तक खुला रहेगा

Last Updated- June 11, 2026 | 10:48 AM IST
Wipro Share buyback

आईटी कंपनी विप्रो के शेयरों में गुरुवार को भी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 2 फीसदी तक गिरकर 175.80 रुपये पर पहुंच गया। यह अप्रैल 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर है। विप्रो का शेयर लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट में रहा है। पिछले एक हफ्ते में इसमें करीब 14 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इसी दौरान सेंसेक्स में सिर्फ 1 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। विप्रो के शेयरों में गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2026 में अब तक यह करीब 33 फीसदी टूट चुका है। इसके मुकाबले सेंसेक्स में 12 फीसदी की गिरावट आई है।

आज से शुरू हुआ 15,000 करोड़ रुपये का बायबैक

विप्रो का 15,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक 11 जून से शुरू हो गया है। यह 17 जून तक खुला रहेगा। कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 60 करोड़ तक शेयर वापस खरीदने की योजना बनाई है। यह कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का करीब 5.72 फीसदी है। कंपनी ने बायबैक के लिए 250 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है, जो मौजूदा बाजार भाव से काफी ज्यादा है।

बायबैक क्यों कर रही है कंपनी?

कंपनी का कहना है कि उसके पास जरूरत से ज्यादा नकदी है। ऐसे में वह अपने शेयरधारकों को यह पैसा लौटाना चाहती है। बायबैक के जरिए कंपनी के कुल शेयरों की संख्या कम होगी, जिससे प्रति शेयर कमाई (EPS) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) जैसे वित्तीय अनुपात बेहतर हो सकते हैं। कंपनी ने बायबैक का 15 फीसदी हिस्सा छोटे निवेशकों के लिए भी आरक्षित रखा है।

ब्रोकरेज फर्मों को आगे भी चुनौतियां दिख रहीं

मिराए एसेट शेयरखान का मानना है कि निकट भविष्य में विप्रो के कारोबार पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए कंपनी ने कमजोर आय वृद्धि का अनुमान दिया है। इसके पीछे बड़े सौदों के लागू होने में देरी, एक बड़े ग्राहक से जुड़ी समस्या और हेल्थकेयर व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती जैसी वजहें हैं।

ब्रोकरेज का कहना है कि ग्राहक से जुड़ी समस्या पहली तिमाही के बाद कम हो सकती है, लेकिन बड़े सौदों से आय आने में देरी का जोखिम अभी भी बना हुआ है। शेयरखान के अनुसार, मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए फिलहाल शेयर में जोखिम और रिटर्न का संतुलन बना हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल ने भी जताई चिंता

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में विप्रो की आय वृद्धि सीमित रह सकती है। ब्रोकरेज का कहना है कि पहली तिमाही की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है और बड़े सौदों के लागू होने में देरी, शीर्ष ग्राहकों से कारोबार में कमी तथा कुछ सेक्टरों में कमजोरी का असर बना रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि वेतन बढ़ोतरी, कम मार्जिन वाले नए प्रोजेक्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बढ़ते निवेश के कारण मुनाफे में सुधार की गुंजाइश भी सीमित दिख रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

Advertisement
First Published - June 11, 2026 | 10:40 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement