Business Standard
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला
अन्य समाचार करदाताओं के लिए ई-आकलन योजना, अधिकारियों के सामने जाने की जरूरत नहीं होगी
'

करदाताओं के लिए ई-आकलन योजना, अधिकारियों के सामने जाने की जरूरत नहीं होगी

PTI

- October,24 2019 8:24 AM IST

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने यहां राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र (एनईएसी) का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। शुरुआत में राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र के तहत 58,322 आयकर मामलों का चयन किया गया है।

इस योजना की शुरुआत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को करनी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के साथ अन्य आधिकारिक व्यस्तताओं की वजह से वह इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाईं।

राजस्व सचिव ने कहा कि इस पहल से करदाता के लिए सुगमता और सुविधा बढ़ेगी। इस योजना को रिकॉर्ड समय में शुरू किया गया है।

राजस्व विभाग ने कहा कि नई पहल से आकलन प्रक्रिया में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच आमना-सामना की जरूरत नहीं होगी।’’

राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र देश भर में अधिकारियों के दखल के बना ई-आकलन योजना में मदद करेगा। इससे करदाताओं को लाभ होगा।

राजस्व विभाग ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को अनुपालन में आसानी होगी, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, कामकाज में विशेषज्ञता आएगी, आकलन की गुणवत्ता का स्तर सुधरेगा और मामलों का निपटान तेजी से हो सकेगा।

इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी का काम आयकर विभाग के 2,686 अधिकारियों को सौंपा गया है।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा, ‘‘जिस किसी करदाता का मामला जांच के लिए चुना जाएगा वह अपने दस्तावेज आनलाइन जमा करा सकेगा। इसके अलावा आकलन करने वाले अधिकारी का चयन भी बिना क्रम के किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इसमें ऐसे मामलों को जांच के लिए चुना जाएगा जिनमें गंभीर खामियां मिलेंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार व्यक्तिगत आयकर में छूट देने पर विचार कर रही है, राजस्व सचिव ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement