Advertisement
Bernstein की रिपोर्ट में दावा: अदाणी समूह का बुरा दौर खत्म, लैंड बैंक व पोर्ट्स में दबदबा कंपनी को बनाएगा मजबूत16 करोड़ यूरो में रैंडस्टैंड का टेक बिजनेस खरीदेगी LTM; एयरोस्पेस, डिफेंस और AI सेक्टर में विस्तार की तैयारीHonda Cars का दावा: पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई चेन प्रभावित, पर उत्पादन और मांग पर असर नहींQ4 Results: Sun Pharma, Reliance Power से लेकर Colgate तक; किस कंपनी का कैसा रहा हाल?SEBI ने कर्मचारियों को दी ‘वर्क फ्रॉम होम’ की मंजूरी, हफ्ते में एक दिन घर से काम करेंगे ग्रेड ए से सी के अफसरअमेरिका-ईरान शांति वार्ता से शेयर बाजार में रौनक, सेंसेक्स 75,415 और निफ्टी 23,719 के स्तर पर बंदनकदी संकट दूर करने के लिए RBI का बड़ा कदम, VRR नीलामी से बैंकों को दिए 81,590 करोड़ रुपयेवित्त वर्ष 2026 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश उछलकर $7.65 अरब पर पहुंचा, सिंगापुर और UAE से बढ़ा निवेशRBI ने बनाया नया रिकॉर्ड, रुपये को संभालने के लिए एक साल में बेचे 53.13 अरब डॉलरRBI के एक्शन से संभला रुपया, डॉलर के मुकाबले सुधरकर 95.69 के स्तर पर हुआ बंद
अन्य समाचार करदाताओं के लिए ई-आकलन योजना, अधिकारियों के सामने जाने की जरूरत नहीं होगी
'

करदाताओं के लिए ई-आकलन योजना, अधिकारियों के सामने जाने की जरूरत नहीं होगी

PTI

- October,24 2019 8:24 AM IST

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने यहां राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र (एनईएसी) का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। शुरुआत में राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र के तहत 58,322 आयकर मामलों का चयन किया गया है।

इस योजना की शुरुआत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को करनी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के साथ अन्य आधिकारिक व्यस्तताओं की वजह से वह इस कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाईं।

राजस्व सचिव ने कहा कि इस पहल से करदाता के लिए सुगमता और सुविधा बढ़ेगी। इस योजना को रिकॉर्ड समय में शुरू किया गया है।

राजस्व विभाग ने कहा कि नई पहल से आकलन प्रक्रिया में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच आमना-सामना की जरूरत नहीं होगी।’’

राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र देश भर में अधिकारियों के दखल के बना ई-आकलन योजना में मदद करेगा। इससे करदाताओं को लाभ होगा।

राजस्व विभाग ने कहा कि इस योजना से करदाताओं को अनुपालन में आसानी होगी, पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, कामकाज में विशेषज्ञता आएगी, आकलन की गुणवत्ता का स्तर सुधरेगा और मामलों का निपटान तेजी से हो सकेगा।

इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी का काम आयकर विभाग के 2,686 अधिकारियों को सौंपा गया है।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में पांडेय ने कहा, ‘‘जिस किसी करदाता का मामला जांच के लिए चुना जाएगा वह अपने दस्तावेज आनलाइन जमा करा सकेगा। इसके अलावा आकलन करने वाले अधिकारी का चयन भी बिना क्रम के किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इसमें ऐसे मामलों को जांच के लिए चुना जाएगा जिनमें गंभीर खामियां मिलेंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार व्यक्तिगत आयकर में छूट देने पर विचार कर रही है, राजस्व सचिव ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement