facebookmetapixel
Advertisement
4 साल की सुस्ती के बाद क्या लौटेगी QSR कंपनियों की चमक? ब्रोकरेज ने दिए 47% तक अपसाइड के टारगेटRBI MPC Meet: ब्याज दर 5.25% पर बरकरार, लेकिन RBI ने ट्रंप के टैरिफ और तेल की कीमतों पर जताई बड़ी चिंताRBI MPC August 2026: रीपो रेट स्थिर, लेकिन क्या आगे ब्याज दरों में कटौती की बन सकती है गुंजाइश? जानें क्या हैं RBI के संकेतRBI MPC 2026: RBI ने रेपो रेट क्यों नहीं बदली? फैसले के पीछे की 5 बड़ी वजहेंRBI MPC 2026: ब्याज दर स्थिर, लेकिन क्या सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने क्या कहाRBI MPC Meeting Highlights: गवर्नर संजय मल्होत्रा के 10 बड़े ऐलानRBI MPC 2026: महंगाई का अनुमान घटाया, ग्रोथ बढ़ाई… जानिए CPI और GDP पर गवर्नर ने क्या कहाRBI MPC August Meeting 2026: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, न्यूट्रल रुख कायमGold and Silver Rate today: फेड के ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना घटी; सोना उछलकर $4,200 के करीब, चांदी $60 के पारसूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?

एसयूवी बाजार में वाहन कंपनियों के बीच कड़ा मुकाबला

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 10:28 PM IST

देश के एसयूवी बाजार की हिस्सेदारी के लिए कड़े मुकाबले की जमीन तैयार हो रही है। कोरियाई कार विनिर्माता हुंडई वर्ष 2021 में इस खंड में सबसे ऊपर रही है। बाजार की अगुआ मारुति सुजूकी को उसकी प्रतिस्पर्धियों ने पछाड़ दिया है। ऐसे में मारुति सुजूकी ने देश के सबसे तेजी से बढ़ते यात्री वाहन खंड में अपने पैर जमाने के लिए आक्रामक योजना बनाई है।
मारुति के लिए यह इस साल सबसे अहम मुकाबला होगा। कंपनी ने पाया है कि इस खंड में कमजोरी की वजह से उसकी बाजार हिस्सेदारी लगातार घट रही है। इस मुकाबले में नए सिरे से उभरी और पर्याप्त धनी टाटा मोटर्स भी आ चुकी है। यह भी इस खंड में कड़ी चुनौती पेश कर रही है, जिसने अपनी स्थापना के बाद 2021 में सबसे अधिक सालाना बिक्री दर्ज की है।
एसयूवी खंड में वृद्धि बहुत शानदार है। वर्ष 2016 में भारत में यात्री वाहन बिक्री में हैचबैक की हिस्सेदारी 51 फीसदी जबकि एसयूवी की 16 फीसदी थी। अगर इन आंकड़ों की 2021 से तुलना करते हैं तो पाते हैं कि एसयूवी की हिस्सेदारी बढ़कर 38 फीसदी हो गई है। एसयूवी की हिस्सेदारी वर्ष 2020 में 29 फीसदी थी। अब यह हैचबैक के लगभग बराबर हो गई है। अब हैचबैक की हिस्सेदारी 40 फीसदी है। हुंडई की भारतीय इकाई इसके वैश्विक मुख्यालय के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली इकाइयों में से एक बन गई है, जो एसयूवी खंड की अगुुआई कर रही है। कंपनी की बिक्री में आधा हिस्सा एसयूवी का है। इसने वर्ष 2022 में अपनी प्रीमियम एसयूवी टुसॉन का नया वर्जन और एक इलेक्ट्रिक एसयूवी पेश करने की योजना बनाई है। अभी कंपनी के पोर्टफोलियो में वेन्यू, क्रेटा, एल्कजार, टुसॉन और कोना ईवी शामिल हैं।
हुंडई इंडिया के निदेशक (बिक्री एवं विपणन) तरुण गर्ग ने कहा, ‘हम अपने उत्पाद फ्रंट रूफ, कनेक्टेड कार, ज्यादा जगह और सुविधाओं जैसी खूबियों के साथ मुहैया कराने पर ध्यान दे रहे हैं। हुंडई वर्ष 2020 के बाद 2021 में भी सबसे बड़ी एसयूवी विनिर्माता रही है।’ एसयूवी ऐसा खंड है, जिसमें पिछले तीन साल के दौरान 50 से ज्यादा नई कार पेश की गई हैं। इस साल इस खंड में हुंडई की क्रेटा की सबसे अधिक बिक्री 1,25,437 कार रही है। गर्ग ने कहा,  ‘इस बाजार में 4 मीटर से कम और इससे अधिक लंबी समेत बहुत सी एसयूवी आ गई हैं। इसके बावजूद क्रेटा अगुआ बनी हुई है। हम लगातार अपने पोर्टफोलियो को बढ़ा रहे हैं। हाल में एल्कजार उतारी गई है।’ हुंडई से संबद्ध किया ने थोड़े ही समय में भारत की शीर्ष पांच कार विनिर्माताओं में जगह बना ली है। यह इसके लोकप्रिय मॉडलों जैसे सेल्टोस और सोनेट की बदौलत संभव हुआ है। किया ने कहा कि वह केवल एसयूवी खंड पर ध्यान देगी और सिडैन और हैचबैक खंड में उतरने पर विचार नहीं करेगी।
टाटा मोटर्स भी इस खंड में अपना किला मजबूत कर रही है। कंपनी के पोर्टफोलियो में एसयूवी का हिस्सा बढ़कर 2021 में 52 फीसदी हो गया, जो वर्ष 2020 में 37 फीसदी था। कंपनी ने अक्टूबर में नेक्सॉन और पंच उतारकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली है। कंपनी ने इन दोनों मॉडलों की कुल 18,549 यूनिटों की बिक्री की। विश्लेषण कंपनी जैटो डायनामिक्स के अध्यक्ष रवि भाटिया ने कहा, ‘एसयूवी खंड में प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। ये ऊंची ड्राइविंग पोजिशन, अधिक ग्राउंड क्लीयरेंस और बेहतर डिजाइन की वजह से लोगों को ज्यादा लुभा रही हैं।’ एसयूवी खंड में प्रतिस्पर्धा के कारण मारुति सुजूकी को अपनी बाजार हिस्सेदारी 43 से आगे बढ़ाने में जूझना पड़ रहा है। मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी शशांक श्रीवास्तव इस चुनौती को स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं करते हैं।

Advertisement
First Published - January 2, 2022 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement