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वाहन पीएलआई के लिए सूची जारी

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:18 PM IST

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के ‘चैंपियन ओईएम इन्सेंटिव स्कीम’ के तहत 20 आवेदकों को मंजूरी मिली है। इनमें हुंडई, सुजूकी, किया, महिंद्रा, फोर्ड और टाटा मोटर्स जैसी कार बनाने वाली प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा इस योजना के तहत चयनित दोपहिया विनिर्माताओं में बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस शामिल हैं। नई कंपनियों में होप इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड और ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजिज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इनका चयन नए गैर-वाहन निवेशक श्रेणी में किया गया है।
भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा कि लोगों से मिली प्रतिक्रिया के लिहाज से इस योजना को जबरदस्त सफलता मिली है। इसके तहत अनुमोदित आवेदकों से कुल 45,016 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। मंत्रालय में सचिव अरुण गोयल ने कहा कि वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए कंपनियों की घोषणा अलग से की जाएगी जहां करीब 92 आवेदक हैं।
वाहन क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना के तहत 18 फीसदी प्रोत्साहन दिया गया है जिससे उद्योग उन्नत वाहन प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों की स्वदेशी आपूर्ति शृंखला में ताजा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होगा।
इस योजना के लिए जिन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किए गए कंपनियों में फोर्ड मोटर्स का भी नाम शामिल था जो भारतीय बाजार को अलविदा कर चुकी है। कंपनी ने कहा था कि वह भारत में अपने एक संयंत्र से निर्यात के लिए इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन करने की संभावनाएं तलाश रही थी।
फेम योजना (10,000 करोड़ रुपये) के साथ वाहन एवं कलपुर्जा उद्योग के लिए पीएलआई योजना (25,938 करोड़ रुपये) और एसीसी के लिए पीएलआई योजना (18,100 करोड़ रुपये) से देश में पर्यावन के अनुकूल स्वच्छ, स्थायी, उन्नत एवं कुशल इलेक्ट्रिक वाहन आधारित प्रणाली विकसित करने में तेजी आएगी।
देश में वाहन एवं वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत कुल 115 कंपनियों ने आवेदन किया था जिनके बारे में 23 सितंबर 2021 को अधिसूचना जारी की गई थी। ये प्रोत्साहन उन्नत वाहन प्रौद्योगिकी (एएटी) वाले उत्पादों (वाहन एवं वाहन कलपुर्जों) के भारत में 1 अप्रैल 2022 के बाद अगले पांच साल के दौरान विनिर्माण आधारित बिक्री के लिए लागू होंगे। इस योजना के दो घटक हैं- चैंपियन ओईएम इन्सेंटिव स्कीम और कंपोनेंट चैंपियन इन्सेंटिव स्कीम। टाटा मोटर्स ने अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक अलग इकाई की स्थापना की है। उसने प्रमुख निजी इक्विटी फर्म टीपीजी राइज से निवेश हासिल किया है। कंपनी ने कहा कि इससे सतत मोबिलिटी की ओर उसके सफर में तेजी आएगी।
चैंपियन ओईएम स्कीम ‘बिक्री मूल्य से जुड़ी’ योजना है जो सभी वाहन श्रेणियों में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइड्रोजन ईंधन सेल वाहनों पर लागू होती है।

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First Published - February 11, 2022 | 11:15 PM IST

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