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भारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता है और न कभी स्वीकार करेगा : मोदी

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प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर बातचीत में ट्रंप से कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान के अनुरोध पर रोका

Last Updated- June 18, 2025 | 11:46 PM IST
India US Trade Deal

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष रोकने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए उन्हें बताया कि भारत और पाकिस्तान ने बिना किसी मध्यस्थता के अपनी सेनाओं के बीच सीधी बातचीत के बाद पिछले महीने सैन्य कार्रवाई रोकी थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि ट्रंप के साथ मंगलवार को फोन पर करीब 35 मिनट तक हुई बातचीत में मोदी ने साफ तौर पर कहा कि भारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता है और न कभी स्वीकार करेगा।

उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद के अनुरोध पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत शुरू हुई थी। मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को छद्म युद्ध के रूप में नहीं, बल्कि एक युद्ध के ही रूप में देखता है और भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है।

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की सबसे पहले घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ने 10 मई को की थी। इसके बाद से ट्रंप दावा करते आ रहे हैं कि उन्होंने संघर्ष रोकने पर सहमत न होने पर दोनों देशों के साथ व्यापार रोकने की धमकी देकर संघर्ष विराम समझौते में मध्यस्थता की। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए कनाडा से लौटते वक्त अमेरिका आने के ट्रंप के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

मोदी और ट्रंप का जी7 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात का कार्यक्रम था लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के शिखर सम्मेलन से समय से पहले विदा लेने के कारण यह बैठक नहीं हो पायी। इसके कारण दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच सात से 10 मई के बीच हुए सैन्य संघर्ष पर प्रमुखता से बात की गई। मिस्री ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते या भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका द्वारा मध्यस्थता के किसी प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुई।’

मोदी-ट्रंप बातचीत की अहम बातें साझा करते हुए उन्होंने बताया, ‘सैन्य कार्रवाई रोकने पर चर्चा भारत और पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के मौजूदा संचार चैनलों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से हुई और इसे पाकिस्तान के अनुरोध पर किया गया।’ विदेश सचिव ने कहा कि मोदी ने साफ तौर पर कहा कि भारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता है और कभी नहीं करेगा और इस मामले पर भारत में पूरी तरह से राजनीतिक सर्वसम्मति है।

मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से स्पष्ट शब्दों में कहा कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के अपने दृढ़ संकल्प से पूरी दुनिया को अवगत करा दिया है। विदेश सचिव के अनुसार मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई नपी-तुली, सटीक तथा तनाव को और बढ़ावा नहीं देने वाली थी।

विदेश सचिव ने कहा, ‘भारत ने यह भी साफ कर दिया था कि पाकिस्तान की ओर से हमले की किसी भी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।’मिस्री ने कहा, ‘नौ मई की रात को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था। उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया था कि पाकिस्तान भारत पर एक बड़ा हमला कर सकता है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें साफ-साफ कहा था कि अगर ऐसा कोई हमला होता है तो भारत और कड़ा जवाब देगा।’

मिस्री ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी कनाडा से लौटते वक्त अमेरिका आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा करने में असमर्थता जतायी। दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में मुलाकात करने का प्रयास करने पर सहमति जतायी।’ दोनों नेताओं ने फोन पर इजरायल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष के बारे में भी चर्चा की।  उन्होंने कहा, ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध में दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए और क्षेत्र में क्वाड की अहम भूमिका के प्रति अपना समर्थन जताया।’ मिसरी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को अगले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का न्यौता दिया।’

(साथ में एजेंसियां)

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First Published - June 18, 2025 | 10:45 PM IST

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