facebookmetapixel
Advertisement
Aadhaar Update: आधार कार्ड वालों के लिए बड़ी खबर! 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त मिलेगी यह जरूरी सुविधायोगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: नई स्टार्ट अप नीति को मंजूरी, ₹50 लाख तक मिलेगी सहायताVB-G RAM G: मजदूरी बढ़ी, काम के दिन भी बढ़े… फिर भी नई योजना पर क्यों उठ रहे सवाल?Q1 रिजल्ट से पहले इन 2 Insurance Stocks पर बढ़ा ब्रोकरेज का भरोसा, जानिए किसमें कितनी ग्रोथ की उम्मीदLaser Power & Infra IPO: ₹203-214 तय हुआ प्राइस बैंड, 9 जुलाई से खुलेगा इश्यू; निवेश से पहले जान लें कंपनी की पूरी डिटेलSBI, Airtel: शेयर बाजार में अब कहां बनेगा पैसा? Q1 के पहले ब्रोकरेज ने बताए टॉप सेक्टर और शेयरसेंसेक्स 1 लाख पहुंचेगा या 66,000 तक फिसलेगा? ग्लोबल ब्रोकरेज ने बताया आगे का आउटलुकKnack Packaging IPO Allotment: आज फाइनल होगा अलॉटमेंट, ऐसे करें स्टेटस चेक; जानें लेटेस्ट GMPITR Filing 2026: पिछले ITR में FD का ब्याज नहीं दिखाया? जानिए अब कितना टैक्स और जुर्माना देना पड़ सकता हैऑटो इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक जून! EV, CNG ने बढ़ाया बाजार का जोश; अब मॉनसून पर नजर

karnataka assembly election: 136 सीट पर बढ़त के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, BJP 64 सीट पर आगे

Advertisement
Last Updated- May 13, 2023 | 2:47 PM IST
Lok Sabha Elections

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिये शनिवार को जारी मतगणना में 136 सीट पर बढ़त के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 64 सीट पर आगे है।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध अपराह्न दो बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 10 सीट पर जीत मिल गई है, जबकि 126 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।

वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा को 4 सीट पर जीत मिल गई है, जबकि 60 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। उधर, जनता दल (सेक्युलर) को एक सीट पर जीत मिल गई जबकि 19 सीट पर बढ़त हासिल है, जबकि चार सीट पर अन्य को बढ़त हासिल है।

इस चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों पाटियों के लिए ‘अग्नि परीक्षा’ के रूप में देखा जा रहा है। इस अहम दक्षिणी राज्य में रुझानों में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलता देख बेंगलुरु और दिल्ली में विपक्षी दल कांग्रेस के मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं की ओर से शुरुआती जश्न मनाया गया।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं होने का 38 साल पुराना मिथक कायम

इन रुझानों के आने के साथ ही एकबार फिर कर्नाटक में सत्तारूढ़ पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं होने का 38 साल पुराना मिथक कायम रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिण भारत के एकमात्र राज्य से भाजपा सत्ता से बेदखल होती नजर आ रही है।

चुनाव रुझानों में भाजपा की स्पष्ट हार नजर आने के बाद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस चुनाव में अपनी छाप छोड़ने में विफल रही है।

बोम्मई ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) और पार्टी कार्यकर्ताओं सहित सभी के काफी प्रयासों के बावजूद हम अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘परिणाम आने के बाद हम विस्तृत विश्लेषण करेंगे। हम इन नतीजों को गंभीरता से लेंगे और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी को पुनर्गठित करने की कोशिश करेंगे।’’

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन को ‘जनता जनार्दन’ की जीत करार देते हुए कहा कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के खराब प्रशासन और कांग्रेस की पांच गारंटी के पक्ष में वोट किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित विधायकों से आज शाम तक बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार की गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। खरगे ने बेंगलुरू में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सभी (नवनिर्वाचित विधायकों) को संदेश भेजा है कि वो आज शाम तक यहां पहुंचें। वे शाम तक यहां आएंगे।

इसके बाद आलाकमान पर्यवेक्षक भेजेगा और फिर सरकार गठन की प्रक्रिया होगी।’’ इस बीच, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि कर्नाटक चुनाव का यह परिणाम 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी 2024 में देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

उधर, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित नजर आने के बाद शनिवार को भावुक हो गए और प्रदेश का नेतृत्व करने के लिए उनमें विश्वास जताने के लिए गांधी परिवार का आभार जताया। शिवकुमार कांग्रेस के प्रदर्शन के बारे में बात कर रहे थे, तो उनकी आंखों से आंसू निकल आए।

शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान को बताया था कि वह कर्नाटक में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘‘मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को इस जीत का श्रेय देता हूं। लोगों ने हममें विश्वास जताया और नेताओं ने हमारा समर्थन किया। यह सामूहिक नेतृत्व है और हमने मिलकर काम किया।’’

शिवकुमार ने कहा, ‘‘मैंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से कहा था कि हम कर्नाटक जीतकर देंगे। मैं भूल नहीं सकता कि जब भाजपा ने मुझे जेल में डाला था तो सोनिया गांधी मुझसे मिलने आई थीं। गांधी परिवार, कांग्रेस और पूरे देश ने यह विश्वास में मुझमें जताया था।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा के धनबल और बाहुबल के खिलाफ मतदान किया है। शुरुआती चुनाव रुझानों के आने के बाद पार्टी नेता पवन खेड़ा ने दिल्ली में कहा, ‘‘हम भारी बहुमत से सत्ता में आएंगे। यह भाजपा के लिए एक संदेश है। कृपया उन मुद्दों पर टिके रहें, जो भारत के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं और भारत को विभाजित करने की कोशिश न करें।’’

चुनाव में संभावित जीत के मद्देनजर पार्टी प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली गई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘भारत जोड़ो यात्रा ने बहुत अंतर पैदा किया है।’’

भारत जोड़ो यात्रा’ में लगभग 3,000 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर अपनी हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से पीछे चल रहे हैं।

वहीं, भाजपा छोड़कर चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सवदी अथानी सीट से आगे चल रहे हैं, जबकि भाजपा महासचिव सी टी रवि चिकमगलुर सीट से पीछे चल रहे हैं। चुनाव में जीत की उम्मीद कर रहे जद (एस) नेता एवं अन्य पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बसवेश्वर गायत्री मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस बार के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड 73.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य के 36 केंद्रों पर सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य भर में खासकर मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ज्यादातर ‘एग्जिट पोल’ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान जताया गया था। त्रिशंकु विधानसभा की संभावना का संकेत देते हुए कई विश्लेषकों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर कांग्रेस को बढ़त दी।

Advertisement
First Published - May 13, 2023 | 2:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement