facebookmetapixel
Advertisement
मौसम का डबल अटैक: कहीं भारी बारिश व आंधी-तूफान का अलर्ट, तो कहीं अभी और सताएगी भीषण गर्मीसोने-चांदी की मंदी पर ‘Rich Dad, Poor Dad’ के लेखक की बड़ी सलाह: कीमत नहीं, हालात देखकर करें निवेश‘योग बना दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव’, कोलकाता में बोले PM मोदी: उम्र बढ़े पर कम न हो ऊर्जाकिसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: पीएम मोदी ने जारी की PM-Kisan की 23वीं किस्त, ऐसे चेक करें स्टेटसकेंद्र सरकार ने 16 FDC दवाओं पर लगाया परमानेंट बैन, कई स्किन क्रीम और एंटीबायोटिक भी लिस्ट मेंसावधान! ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का हुए शिकार तो तुरंत करें ये काम, वरना डूब जाएगा पूरा पैसा; जानें RBI के नियमDividend Stocks: टाटा पावर और LIC समेत ये 31 कंपनियां अगले हफ्ते बांटेंगी मुनाफा, देखें पूरी लिस्टट्रंप ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, बोले: 150 करोड़ लोगों का यह नेता है असली ‘टफ कुकी’NEET UG 2026: नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NTA की लापरवाही से परिवार परेशानBonus Stocks Alert: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे फ्री में शेयर

1.2 प्रतिशत रहेगी पश्चिम बंगाल की वृद्धि दर : मित्रा

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 8:36 AM IST

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2020-21 में 1.2 प्रतिशत रहेगी। मित्रा ने कहा कि अग्रिम अनुमान के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की की वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रहेगी। भारत की अर्थव्यवस्था मेंं 7.7 प्रतिशत संकुचन के अनुमान के बीच उन्होंने कहा, ‘यह इससे ज्यादा भी हो सकती है।’  
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और फिक्की के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम बंगाल बिजनेस कॉनक्लेव ऐंड सिनर्जी को वर्चुअल संबोधित करते हुए मित्रा ने यह जानकारी दी। यह सम्मेलन 5 जिलों- हावड़ा, हुगली, उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और कोलकाता पर केंद्रित था। राज्य की वृद्धि का बड़ा हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र से आता है, और राज्य मेंं करीब 90 लाख इकाइयां हैं। मित्रा ने कहा कि दिसंबर के अंत तक बैंकों ने एमएसएमई को करीब 50,000 करोड़ रुपये उधारी दी है।
उन्होंने कहा, ‘मार्च के आखिर तक उम्मीद है कि यह राशि 70,000 से 75,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।’  महामारी के पहले राज्य स्तर की बैंकरों की समिति (एसएलबीसी) ने इस वित्त वर्ष में 90,000 करोड़ रुपये कर्ज देने का लक्ष्य रखा था।
बैंक से कर्ज मिलने के साथ राज्य सरकार औद्योगिक पार्कों में जमीन आवंटन की प्रक्रिया सरल करने पर भी काम कर रही थी, जो तीन सरकारी एजेंसियों द्वारा किया जाता है। ये एजेंसियां अलग शर्तों व अलग नामों- औद्योगिक पार्क, औद्योगिक इस्टेट और ग्रोथ सेंटर नाम से एमएसएमई के साथ बड़े उद्योगों को भूमिक की पेशकश करती हैं।
राज्य ने अब भूमि की पेशकश की सेवा शर्तों, पट्टे की शर्तों, हस्तांतरण की दरों के बारे में अब फैसला कर लिया है और इसका मानकीकरण कर इसे वेबसाइट पर डाला जाएगा।

Advertisement
First Published - February 8, 2021 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement