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1.2 प्रतिशत रहेगी पश्चिम बंगाल की वृद्धि दर : मित्रा

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:36 AM IST

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2020-21 में 1.2 प्रतिशत रहेगी। मित्रा ने कहा कि अग्रिम अनुमान के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की की वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रहेगी। भारत की अर्थव्यवस्था मेंं 7.7 प्रतिशत संकुचन के अनुमान के बीच उन्होंने कहा, ‘यह इससे ज्यादा भी हो सकती है।’  
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और फिक्की के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम बंगाल बिजनेस कॉनक्लेव ऐंड सिनर्जी को वर्चुअल संबोधित करते हुए मित्रा ने यह जानकारी दी। यह सम्मेलन 5 जिलों- हावड़ा, हुगली, उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और कोलकाता पर केंद्रित था। राज्य की वृद्धि का बड़ा हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र से आता है, और राज्य मेंं करीब 90 लाख इकाइयां हैं। मित्रा ने कहा कि दिसंबर के अंत तक बैंकों ने एमएसएमई को करीब 50,000 करोड़ रुपये उधारी दी है।
उन्होंने कहा, ‘मार्च के आखिर तक उम्मीद है कि यह राशि 70,000 से 75,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।’  महामारी के पहले राज्य स्तर की बैंकरों की समिति (एसएलबीसी) ने इस वित्त वर्ष में 90,000 करोड़ रुपये कर्ज देने का लक्ष्य रखा था।
बैंक से कर्ज मिलने के साथ राज्य सरकार औद्योगिक पार्कों में जमीन आवंटन की प्रक्रिया सरल करने पर भी काम कर रही थी, जो तीन सरकारी एजेंसियों द्वारा किया जाता है। ये एजेंसियां अलग शर्तों व अलग नामों- औद्योगिक पार्क, औद्योगिक इस्टेट और ग्रोथ सेंटर नाम से एमएसएमई के साथ बड़े उद्योगों को भूमिक की पेशकश करती हैं।
राज्य ने अब भूमि की पेशकश की सेवा शर्तों, पट्टे की शर्तों, हस्तांतरण की दरों के बारे में अब फैसला कर लिया है और इसका मानकीकरण कर इसे वेबसाइट पर डाला जाएगा।

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First Published - February 8, 2021 | 11:42 PM IST

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