facebookmetapixel
Q3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसेदुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़

1.2 प्रतिशत रहेगी पश्चिम बंगाल की वृद्धि दर : मित्रा

Last Updated- December 12, 2022 | 8:36 AM IST

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के बावजूद राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2020-21 में 1.2 प्रतिशत रहेगी। मित्रा ने कहा कि अग्रिम अनुमान के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की की वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रहेगी। भारत की अर्थव्यवस्था मेंं 7.7 प्रतिशत संकुचन के अनुमान के बीच उन्होंने कहा, ‘यह इससे ज्यादा भी हो सकती है।’  
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और फिक्की के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम बंगाल बिजनेस कॉनक्लेव ऐंड सिनर्जी को वर्चुअल संबोधित करते हुए मित्रा ने यह जानकारी दी। यह सम्मेलन 5 जिलों- हावड़ा, हुगली, उत्तरी 24 परगना, दक्षिणी 24 परगना और कोलकाता पर केंद्रित था। राज्य की वृद्धि का बड़ा हिस्सा एमएसएमई क्षेत्र से आता है, और राज्य मेंं करीब 90 लाख इकाइयां हैं। मित्रा ने कहा कि दिसंबर के अंत तक बैंकों ने एमएसएमई को करीब 50,000 करोड़ रुपये उधारी दी है।
उन्होंने कहा, ‘मार्च के आखिर तक उम्मीद है कि यह राशि 70,000 से 75,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।’  महामारी के पहले राज्य स्तर की बैंकरों की समिति (एसएलबीसी) ने इस वित्त वर्ष में 90,000 करोड़ रुपये कर्ज देने का लक्ष्य रखा था।
बैंक से कर्ज मिलने के साथ राज्य सरकार औद्योगिक पार्कों में जमीन आवंटन की प्रक्रिया सरल करने पर भी काम कर रही थी, जो तीन सरकारी एजेंसियों द्वारा किया जाता है। ये एजेंसियां अलग शर्तों व अलग नामों- औद्योगिक पार्क, औद्योगिक इस्टेट और ग्रोथ सेंटर नाम से एमएसएमई के साथ बड़े उद्योगों को भूमिक की पेशकश करती हैं।
राज्य ने अब भूमि की पेशकश की सेवा शर्तों, पट्टे की शर्तों, हस्तांतरण की दरों के बारे में अब फैसला कर लिया है और इसका मानकीकरण कर इसे वेबसाइट पर डाला जाएगा।

First Published - February 8, 2021 | 11:42 PM IST

संबंधित पोस्ट