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उत्तर प्रदेश में सप्ताहांत लॉकडाउन

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:42 AM IST

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू को प्रभावी तौर पर लागू करने के आदेश दिए हैं। अब प्रदेश में शनिवार और रविवार को पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। रात का कफ्र्यू भी प्रदेश के कई और जिलों में बढ़ा दिया गया है। उच्च न्यायालय के प्रदेश में लखनऊ, प्रयाग, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर शहरों में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय से मंगलवार को राहत मिलने के बाद योगी सरकार ने सप्ताहांत लॉकडाउन का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को टीम-11 की बैठक में दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जिन जिलों में 500 से अधिक संक्रमण के सक्रिय मामले हैं वहां हर दिन रात रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली से आ रहे प्रवासी लोगों की सहूलियत और सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश भी मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसके तहत उन्होंने अधिकारियों को सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरते जाने के आदेश देते हुए इन सभी प्रवासी कामगार व श्रमिक जनों के लिए सभी तरह की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
प्रदेश में आ रहे बड़े तादाद में प्रवासी कामगारों को देखते हुए एक बार फिर से गांवों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बनाई गई 73 हजार निगरानी समितियों को घर-घर जाकर संक्रमितों का ब्योरा जमा करने को कहा गया है। इसके साथ ही उन्हें लोगों को टीकाकरण के लिए जागरुक करने के लिए कहा गया है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि  ग्रामीण क्षेत्रों में 59 हजार व शहरी इलाकों में 14 हजार निगरानी समितियां काम कर रही है। जो डोर टू डोर जाकर सर्वे के आधार पर संक्रमित लोगों की पहचान कर रही है। इसकी जानकारी नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करा रही हैं।
कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में तिगुने से अधिक 16,4000 कोरोना जांच रोजाना होगी। इसके लिए जरूरी संसाधनों के साथ 558 साइंटिस्ट, लैब तकनीशियन, डेटा ऑपरेटर और लैब अटेंडेंट भी रखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे लोगों को कोरोना की जांच कराने में काफी आसानी होगी और लंबित मामले भी खत्म होंगे। प्रदेश में 104 निजी प्रयोगशालाएं और 125 सार्वजनिक क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोरोनावायरस की जांच कर रही हैं और अब तक तीन करोड़ 84 लाख से अधिक जांच की जा चुकी है।

झारखंड में 22 से 29 तक लॉकडाउन
झारखंड सरकार ने राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कोरोनावायरस संक्रमण के चेन को तोडऩे के लिए 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक ‘स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम से लॉकडाउन लगाने का निर्णय मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया। उच्चस्तरीय बैठक में लिये गए निर्णय के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं निजी क्षेत्र के चिह्नित कार्यालयों को छोड़कर सभी कार्यालय बंद रहेंगे। साथ ही आवश्यक सामग्री से जुड़ी दुकानों को छोड़कर शेष सभी दुकानें एवं माल बंद रहेंगे और जरूरी काम को छोड़कर कोई भी घर से बाहर नहीं निकलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार द्वारा सप्ताह भर के इस लॉकडाउन के संबंध में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि 22 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 29 अप्रैल सुबह 6 बजे तक पूरे झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाया जायेगा। सोरेन ने बताया कि इस स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत पूरे राज्य में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के निश्चित कार्यालयों के अलावा सभी कार्यालय बंद रहेंगे और कोई भी व्यक्ति अनुमति वाले कामों को छोड़कर अपने घर से बाहर नहीं निकलेंगे। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के इस लॉकडाउन के दौरान कृषि, औद्योगिक, निर्माण एवं खनन कार्य की गतिविधियां चलती रहेंगी।  

तेलंगाना में रात्रि कर्फ्यू
कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को राज्य में 30 अप्रैल तक रात 9 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक रात्रि कफ्र्यू लगाने की घोषणा की। ये प्रतिबंध 20 अप्रैल से लागू होंगे। राज्य में कोविड-19 को नियंत्रित करने के विभिन्न उपायों की समीक्षा की गई है। मुख्य सचिव सोमेश कुमार ने एक आदेश में कहा कि कोविड​​-19 के प्रसार को रोकने के लिए 30 अप्रैल 2021 तक रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक राज्य में रात्रि कफ्र्यू लगाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में अभी 42,853 लोगों का इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को भी सोमवार को वायरस से संक्रमित पाया गया।     भाषा

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First Published - April 20, 2021 | 11:09 PM IST

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